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फर्जीवाड़ा कर छात्रवृति के रुप में लाखों रुपये की धनराशि हड़पने की कोशिश

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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ब्लॉक सहपऊ क्षेत्र के एक महाविद्यालय द्वारा फर्जीवाड़ा कर मोटी रकम की छात्रवृत्ति हड़पने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस गड़बड़ झाले को समाज कल्याण विभाग ने पकड़ लिया और इस मामले में उक्त महाविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।

शासन स्तर से हर साल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। इस बार भी शासन के निर्देशों पर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए लिए गए थे। इन आवेदनों को संस्था द्वारा सत्यापित कर आगे बढ़ाए गए थे, लेकिन विभागीय स्तर पर इस डाटा को संदिग्ध मानते हुए रोक दिया गया था। इस डाटा को विभागीय स्तर से सत्यापित कराकर शासन को भेजे जाने के लिए विभागीय अधिकारियों से कॉलेज संचालक लगातार मुलाकात कर रहे थे।
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समाज कल्याण विभाग ने इस डाटा को संदिग्ध पाए जाने पर इसकी गहनता जांच की तो सामने आया कि 278 आवेदनों में 178 आवेदन एनआईओएस व 100 आवेदन अन्य स्टेट बोर्ड के हैं। इस आधार पर समाज कल्याण विभाग ने पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। समाज कल्याण अधिकारी अवधेश सिंह यादव ने बताया कि उक्त महाविद्यालय के संचालक द्वारा कई दिनों से 278 आवेदनों को सत्यापित कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस कारण इस डाटा की बारीकी से जांच की गई तो सामने आया कि महाविद्यालय द्वारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अब इस मामले में शासन स्तर से कार्रवाई किए जाने के लिए पत्र भेज दिए गए हैं।
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मोबाइल नंबर न होने से मामला आया पकड़ में
ऑनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन में विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर न होने के कारण फर्जीवाड़ा सामने आया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर आवेदनों में विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर अंकित नहीं थे। इस कारण से डाटा को संदिग्ध मानते हुए रोका गया था। अब इस मामले की जांच उच्चाधिकारियों के स्तर से होगी।
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