न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
पुरानी कलेक्ट्रेट की भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन के नाम होने के बाद नई बिल्डिंग का कार्य शीघ्र ही शुरू होने की उम्मीद है। नई बिल्डिंग की जमीन मिलने के संबंध में केंद्रीय विद्यालय संगठन क्षेत्रीय कार्यालय आगरा से दिल्ली मुख्यालय प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
अब विद्यालय की पूरी जमीन की नाप तौल होने के बाद अंतिम रिपोर्ट भी दिल्ली भेजी जाएगी। निर्माण कार्य से पूर्व केंद्रीय विद्यालय संगठन क्षेत्रीय कार्यालय आगरा के डिप्टी कमिश्नर अरुण कुमार व आगरा नंबर तीन केंद्रीय विद्यालय की प्रधानाचार्य चंद्ररेखा ने अपनी टीम के साथ पुरानी कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया।
पुरानी कलेक्ट्रेट में स्थित वाणिज्य कर सचल दल कार्यालय, परियोजना अधिकारी कार्यालय, सुलभ शौचालय आदि कार्यालयों को जल्द से जल्द शिफ्ट करवाए जाने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर स्थित सरकारी कार्यालय शिफ्ट होने के बाद मानव संसाधन विभाग द्वारा नई बिल्डिंग का निर्माण के संबंध में इंजीनियरों की टीम सर्वे करेंगी।
सर्वे के बाद पूरी जमीन की डिजाइनिंग तैयार कराई जाएगी। डिजाइन तैयार होने के बाद नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू होगा। निरीक्षण के समय प्रधानाचार्य रोहित सक्सेना, लेखपाल मदन शर्मा, शिक्षक पीपी सिंह, लिपिक अमित भारद्वाज आदि साथ थे।
दफ्तर शिफ्ट हुए तो कक्षा 11 का हो सकता है संचालन
केंद्रीय विद्यालय के अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है। विद्यालय परिसर में संचालित सरकारी कार्यालय यदि 10 से 15 दिन में किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो जाते हैं तो कक्षा 11 का संचालन भी हो सकता है। अब तक विद्यालय हाईस्कूल तक संचालित हो रहा है। हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम आने के बाद जो विद्यार्थी उत्तीर्ण हो जाते हैं, वह कक्षा 11 में प्रवेश के लिए दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होते हैं। हर वर्ष हाईस्कूल में पास होने वाले विद्यार्थियों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और वह इसी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण सकेंगे।
-केवी संगठन के आगरा क्षेत्रीय कार्यालय से डिप्टी कमिश्नर ने निरीक्षण कर लिया है। विद्यालय निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर आगरा से दिल्ली भेजा जा चुका है। सरकारी भवन शिफ्ट होने के बाद मानव संसाधन विभाग के इंजीनियर बिल्डिंग की डिजाइन तैयार करने के लिए सर्वे करने आएंगे। सरकारी भवन यदि जल्दी शिफ्ट हो जाएं तो कक्षा 11 का संचालन के लिए दिल्ली मुख्यालय प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
- रोहित सक्सेना, प्रधानाचार्य।