न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
चुनाव आचार संहिता लगते ही जिले में विकास की धुरी रुक गई है। आचार संहिता लगते ही नए विकास कार्यों पर रोक लग गई है। सरकारी कार्यालयों में नए विकास कार्यों की फाइलों को अलग रख दिया गया है। अब विभागीय कर्मचारी आने वाले लोगों को आचार संहिता लगने का हवाला देकर नए कार्य न होने की जानकारी दे रहे हैं। वही पुराने कार्यों की गति भी चुनाव के चलते धीमी हो गई है।
सभी कार्यालयों में अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने में जुट गए हैं।
आचार संहिता लगते ही सरकारी कार्यालयों में विकास फाइलें अपनी जगह पर ही थम गई हैं। यहां तक कि पहले से संचालित निर्माण कार्य व अन्य कार्यों की फाइलों की गति भी अब धीमी हो गई है। यहां तक स्वच्छ भारत मिशन भी इस आचार संहिता के कारण प्रभावित हो गया है। यहां बेसलाइन सर्वे में छूटे लाभार्थियों को विभाग ने आनन-फानन में शुक्रवार को ही जिले के 9995 लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेज दी, ताकि आचार संहिता की वजह से शौचालय निर्माण अवरुद्ध न हो।
वही कई विभागों ने भी ऐसे ही आनन फानन में जल्द ही धनराशि जारी कर निर्माण कार्यों को शुरू करा दिया था, लेकिन आचार संहिता के बाद इन कार्यों की गति धीमी हो गई है। वही ज्यादा विभागों के अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है।