फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीएम खाने के बाद 11 बच्चे बीमार

Tue, 18 Oct 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन
फूड प्वाइजनिंग के बाद अस्पताल में भर्ती गांव परसौरा के प्राथमिक विद्यालय के बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सहपऊ ब्लॉक के गांव परसौरा के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील में बने दाल-चावल खाने के बाद 11 बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो गई। पीड़ित स्कूली बच्चों को एंबुलेंस द्वारा सादाबाद सीएचसी लाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। फिलहाल बच्चों की हालत में सुधार है।
विज्ञापन


गांव परसौरा के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से लेकर तीन में गांव नगला प्रेम सिंह के एक दर्जन बच्चे अध्ययनरत हैं। मंगलवार को बच्चों को स्कूल में मिड-डे मील के रूप में दाल-चावल खिलाया गया। परिजनों की मानें तो बच्चे जब स्कूल से घर पहुंचे तो उनको शाम चार बजे उल्टी-दस्त होने लगी। इसकी जानकारी जब खेतों में आलू बुवाई कर रहे बच्चों के परिजनों को हुई तो वह खेतों से दौड़ते हुए घर पहुंचे।

आनन-फानन एबुंलेंस बुलाकर इन बच्चों को सादाबाद सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में पायल पुत्री विजेंद्र सिंह, मन्नू पुत्र विजेंद्र सिंह, लक्ष्मी पुत्री राकेश, देव पुत्र संजय, गीता पुत्री मनवीर, लता पुत्री विनोद, भूरी पुत्री रामप्रकाश, अंजलि पुत्री बनवारीलाल, अनुष्का पुत्री राकेश, लक्ष्मी पुत्री विनोद तथा कनिका पुत्री श्री निवास को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
विज्ञापन


परिजनों का आरोप था कि बच्चों की यह हालत स्कूल में खिलाए गए एमडीएम के कारण ही हुई है। परिजनों ने यह भी बताया कि स्कूल में मिड-डे मील बनाने का काम एक निजी रसोइया द्वारा कराया जा रहा है। मिड-डे-मील बनाने में लापरवाही बरती जा रही है। गुणवत्ता का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा जा रहा। बच्चों के अभिभावकों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम अभिषेक सिंह से शिकायत कर अपना गुस्सा जताया।

एसडीएम ने बच्चों की हालत का जायजा लिया और इसकी     जानकारी बीएसए को दी। स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद बच्चों की हालत में कुछ सुधार हुआ।    बीएसए और एबीएसए सहपऊ ने    भी वहां पहुंचकर बच्चों का हालचाल जाना।

मैने सादाबाद सीएचसी पर पहुंचकर बच्चों का हालचाल लिया। बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
-रेखा सुमन, बीएसए हाथरस

मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, लेकिन इस बात के पूरे चांस हैं कि इन बच्चों को एक ही तरह का खाना दिया गया है, जिससे बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हुई है। बच्चों को उपचार दिया जा रहा है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।
विज्ञापन

-डॉ.दानवीर सिंह, सीएचसी प्रभारी सादाबाद 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें