न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
कृषि विभाग की ओर से उर्वरक विक्रेताओं पर बड़ी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई शासन के निर्देश पर की गई है। जिले के 31 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 10 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निररस्त किए गए हैं। कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में खलबली मची हुई है। यह कार्रवाई पॉस मशीन से उर्वरकों की बिक्री नहीं करने पर की गई है।
शासन स्तर से पॉस मशीन के जरिए उर्वरकों की ब्रिकी किए जाने के आदेश काफी समय पहले ही जारी किए थे। इसके जरिए जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को पॉस मशीनें भी खरीदवाई गई थीं। इस मशीन के जरिए विभागीय अधिकारी अपने कार्यालयों से उर्वरकों की बिक्री की निगरानी करते थे।
उच्चाधिकारियों को पता चला कि काफी उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन होने के बावजूद मशीन के माध्यम से उर्वरकों की बिक्री नहीं कर रहे हैं। यहां जिले के 41 ऐसे उर्वरक विक्रेताओं को चिन्हित किया गया है, जोकि पॉस मशीन से उर्वरक की बिक्र्री नहीं कर रहे हैं। इस मामले में कृषि विभाग की ओर से 31 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
10 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। सभी उर्वरक विक्रेताओं से एक सप्ताह के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में खलबली मच गई है। इन विक्रेताओं को उर्वरक सप्लाई करने वाले थोक विक्रेताओं को भी सप्लाई नहीं देने के संबंध में निर्देशित किया गया है।
पॉस मशीन से उर्वरकों की बिक्री नहीं करने वाले 31 उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। 10 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
-डिपिन कुमार, जिला कृषि अधिकारी