न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
घनश्याम सिंह
हाथरस। बेसिक के स्कूलों में 25 फरवरी तक शैक्षिक स्तर की परख के लिए परीक्षा होगी। परीक्षा तो बच्चे देंगे, लेकिन रिजल्ट के आधार पर रिपोर्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं का बनेगा। अंकों के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग होगी। विषय आधारित परीक्षा 50 अंकों की होगी।
जिलेभर में बेसिक के करीब 1,500 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें एक लाख 18 हजार 308 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन बच्चों का शैक्षिक स्तर कैसा है। इस बात की चिंता शासन को है। तभी तो स्कूलों में शैक्षिक स्तर निर्धारण के लिए शासन द्वारा एक परीक्षा का आयोजन कराया जा रहा है, जिसमें विद्यालयों को ए से ई तक ग्रेड दिया जाएगा।
परीक्षा भले ही एक से आठवीं तक के बच्चे देंगे, लेकिन रिजल्ट आने पर रिपोर्ट कार्ड स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं का बनेगा। 25 फरवरी तक प्रत्येक स्कूल में परीक्षा कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों में पहुंचे प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट
शिक्षा निदेशालय (बेसिक) से प्रश्न पत्र प्राप्त हुए हैं। ओएमआर शीट पर बच्चे परीक्षा देंगे। सभी स्कूलों को प्रश्रपत्र और ओएमआर सीट बीआरसी से प्राप्त कराए जा रहे हैं।
पर्यवेक्षक की निगरानी में होगी परीक्षा
परीक्षा को शुचिता पूर्ण कराए जाने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। प्रधानाध्यापक अपने स्कूल में पर्यवेक्षक की निगरानी में इस परीक्षा को सम्पन्न कराएंगे। सभी प्रश्न एमसीक्यू बेस्ड हैं।
इस तरह किया गया अंकों का विभाजन
कक्षा एक से दो के बच्चों की 50 मिनट तक चलने परीक्षा 30 अंकों की होगी। कक्षा तीन से पांचवीं तक के बच्चों की डेढ़ घंटे परीक्षा चलेंगी, जिसमें 40 नंबर के 40 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। छठवीं कक्षा से आठवीं तक के विद्यार्थियों की दो घंटे चलने वाली परीक्षा में 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
शासन के निर्देश पर स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता की परख करने के लिए एक परीक्षा कराई जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है। परीक्षा के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षा में कमजोर आए विद्यालयों में शैक्षिक स्तर सुधारने की प्लानिंग की जाएगी। शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता की परख भी इससे होगी।
-हरीशचंद्र, बीएसए।