न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सीडीओ के लिए लगी गाड़ी के जनवरी माह में 45 हजार से ज्यादा भुगतान होने के मामले के सामने आने के बाद अधिकारी भ्रमण बुक में लीपा-पोती करने में जुट गए हैं। विभागीय अधिकारी इसी गाड़ी को अब सभी विभागीय कार्यों में दर्शा रहे हैं। हालांकि गाड़ी का एवेरजन 250 किमी प्रतिदिन दौड़ने की बात आला अधिकारियों को नहीं पच रहा है।
सीडीओ एसपी सिंह के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगी गाड़ी यूपी 92 के 9292 में तेल के खेल सामने आते ही चर्चाओं का दौर तेज हो गया। इस गाड़ी में माह जनवरी में 49 हजार रुपये से ज्यादा के तेल की खपत दर्शाई गई थी। वहीं दिसंबर में भी करीब 33 हजार रुपये के तेल की खपत को कागजों में दर्शाया गया था। अब इस मामले में शासन स्तर पर भी शिकायतों के दौर शुरू हो गए है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में उच्चाधिकारियों की मिली भगत से सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन की ओर से सीडीओ पद के सरकारी गाड़ी दी गई है, लेकिन इस गाड़ी का प्रयोग न करके स्वच्छ भारत मिशन पर किराए पर दूसरी गाड़ी लगाई गई है।
जहां-जहां चले साहब, वहां-वहां चली गाड़ी
सीडीओ उरई में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग को लेकर चर्चाओं में रहे हैं। अब यहां भी स्वच्छ भारत मिशन से संचालित गाड़ी के तेल के खेल की कहानी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार यूपी 32 जीएल 7676 गाड़ी 2013 से 2015 तक गौतमबुद्ध नगर में डीआरडीए में भी संचालित की गई। इस दौरान यहां वर्तमान सीडीओ एसपी सिंह पीडी के पद पर तैनात थे। वहीं अब इस गाड़ी को हाथरस में भी चलाकर तेल का भुगतान कराया गया है।