हाथरस गेट पुलिस ने सोमवार देर रात मोहल्ला सिद्धार्थनगर में चल रहे ओम टेलीकॉम सेंटर के तीनों संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के ताल कुकर इलाके रहने वाले अमित प्रमानिक ने हाल ही में ओम टेलीकॉम सेंटर पर उनके साथ फर्जीवाड़ा कर हजारों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। अमित ने कोतवाली हाथरस गेट पहुंचकर पुलिस को यह बताया था कि एक मई को उसके पास कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को एक नामचीन कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि एक विशेष ऑफर के तहत लकी ग्राहक अमित को 5200 रुपये में नामचीन कंपनी के ब्रांडेड जूते, ब्रांडेट ट्रैक सूट, मोबाइल फोन आदि मिल सकते हैं। अमित को सौदा ठीक लगा और उसने हां कर दी। पार्सल 13 जून को अमित के यहां पहुंचा। इस पार्सल को खोलने से पहले डाकिये ने पेमेंट ले लिया और चला गया।
पार्सल को इस तरह पैक किया गया था कि अमित को उसे खोलने में 15 मिनट लग गए। पार्सल देख उसकी आंखे फटी रह गईं। इसमें रद्दी, थर्माकॉल के अलावा महज 100 रुपये कीमत के जूते थे। घर के बाहर देखने पर अमित को डाकिया कहीं दिखाई नहीं दिया। पिता ने अमित को समझाया लेकिन ठगी का शिकार होने के बाद परेशान अमित ने शिकायत करने की ठान ली। वह शिकायत करने हाथरस तक आ पहुंचा। यहां पहले वह ओम टेलीकॉम सेंटर पहुंचा, जहां उसने अपनी आंखों से फर्जीवाड़े की हकीकत देखी।
आरोपियों ने उसे लालच भी दिया लेकिन उसने तो ठगों को सबक सिखाने की ठानी थी। पुलिस को लिखित शिकायत देकर अमित अपने घर चला गया। उधर, शिकायत पर कोतवाल जेएस पंवार ने सोमवार शाम को छापा मार दिया। मौके से कॉल सेंटर संचालकों नरेश पुत्र वीरेश सिंह राघव निवासी तमनागढ़ी, सोनू पुत्र अशोक निवासी चौबे वाला महादेव और मिथुन पुत्र महेंद्र निवासी ढकपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
कोतवाल जेएस पंवार ने बताया कि आरेापी सिद्धार्थनगर में कंप्यूटर सेंटर का बोर्ड लगाकर कॉल सेंटर चला रहे थे। मौके से पुलिस ने बुकिंग के बाद डाकखाने जाने के लिए रखे 14 तैयार पार्सल, 38 जोड़ी जूते, 18 मोबाइल फोन, एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, सात मोबाइल चार्जर, लैपटॉप चार्जर, डाटा केबल, इंक पैड, दो मोहर और कॉल सेंटर का रिकॉर्ड मिला है। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है। जल्द ही दूसरे कॉल सेंटरों पर छापेमारी की जाएगी।