आठ साल पहले घर में घुसकर मानसिक रूप से अस्वस्थ किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) जेबा मजीद के न्यायालय ने युवक को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता के पिता ने थाना हाथरस जंक्शन में दी तहरीर में बताया कि उसकी बेटी बचपन से ही विक्षिप्त है। 12 अप्रैल 2015 को सब लोग खेत पर गेहूं निकालने के लिए गए थे। घर पर उसकी 16 वर्षीय विक्षिप्त बेटी अकेली थी। इसी दौरान चंद्रवीर उर्फ चोब सिंह घर में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
जब पीड़िता की मां लौटकर आई तो यह किशोरी चारपाई पर पड़ी थी और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। पीड़िता की मां ने दरवाजे से चंद्रवीर उर्फ चौब सिंह को भागते हुए देखा। मां ने जब पीड़िता से पूछा तो पीड़िता ने इशारे से बताया कि उसके साथ चंद्रवीर ने दुष्कर्म किया है। इसके बाद किशोरी के परिजनों ने चंद्रवीर को पकड़ लिया।
इस मामले में थाना हाथरस जंक्शन मेंं मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में विवेचनाधिकारी ने विवेचना के बाद न्यायालय में चंद्रवीर उर्फ चोब सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चंद्रवीर उर्फ चोब सिंह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की।