बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को जूते मोजे और स्वेटर मिलेंगे। जिले के 1.07 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। जूते-मोजे का स्टॉक ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आ चुका है। जल्द ही स्वेटर भी आ जाएंगे। शीघ्र ही स्कूलों में इनका वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढने वाले बच्चे भी स्मॉर्ट दिखेंगे। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी भी अब कॉन्वेट स्कूलों के बच्चों की तरह ड्रेस कोड में नजर आएंगे। इसके लिए परिषद ने अपने विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस का वितरण करा दिया है। नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का भी वितरण करा दिया गया है। इन पाठ्य पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूल बैग भी वितरित करा दिए गए हैं। अब इन विद्यार्थियों को जूते-मोजे और स्वेटर भी वितरित कराए जा रहे हैं, जिससे परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी कान्वेंट स्कूलों के बच्चों की तरह पूरी यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचें।
शासन ने सभी बीआरसी केंद्रों पर जूते-मोजों का स्टॉक पहुंचवा दिया है। शासन के निर्देशानुसार बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वह अगले 15 दिन के भीतर इनका वितरण सुनिश्चित कराएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शत-प्रतिशत वितरण का प्रमाण पत्र मिलने के बाद स्कूलों में इसकी रेंडम जांच कराई जाएगी। अगर कहीं भी जूते-मोजे, स्वेटर का वितरित नहीं होने की शिकायत मिलेगी तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने सभी बीईओ से कहा है कि चूंकि 15 दिन के बाद शत-प्रतिशत जूते-मोजे और स्वेटर के वितरण की रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है, इसलिए इसमें देरी नहीं की जाए।