ग्राम पंचायतों को जारी बजट के खर्च में हो रही अनियमितता छिपाने के लिए ग्राम प्रधानों के इशारे पर सचिव पंचायत राज इंस्टीट्यूशंस अकाउंटिंग साफ्टवेयर (प्रिया साफ्टवेयर) में नियमानुसार खर्च का ब्यौरा फीड नहीं कर रहे हैं। जिले की 419 ग्राम पंचायतों में कार्यभार संभाल रहे 104 ग्राम सचिवों को प्रिया साफ्ट में फीडिंग न कराने के कारण रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी जिला पंचायत राज अधिकारी ने दी है।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर खर्च होने वाले बजट की निगरानी रखने के लिए कुछ वर्ष पूर्व प्रिया साफ्टवेयर लांच किया गया था। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ग्राम पंचायतों में होने वाले खर्च का पूरा ब्यौरा बाउचर सहित इसमें दर्ज किया जाए। इसके बावजूद ग्र्राम सचिव फीडिंग करने से बचते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में 1308 ग्राम पंचायतों में से 419 ग्राम पंचायतों का प्रिया साफ्टवेयर पर ब्यौरा फीड नहीं कराया गया है। इन गांवों का कार्यभार संभाल रहे 104 ग्राम सचिवों को कई बार इसके लिए निर्देशित भी किया गया लेकिन फिर भी उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। संबंधित 104 ग्राम सचिवों को डीपीआरओ ने नोटिस जारी कर चेतावनी दी है। अगर एक सप्ताह के अंदर फीडिंग पूरी नहीं हुई तो एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
ये हैं ग्राम पंचायतें
अहिरोरी की 39, बावन की 20, बेंहदर की 16, भरावन की 16, भरखनी की 41, बिलग्राम की 22, हरियावां की 22, हरपालपुर की 15, कछौना की 5, कोथावां की 2, माधौगंज की 17, मल्लावां की 9, पिहानी की 54, सांडी की 29, शाहाबाद की 58, सुरसा की 15, टोडरपुर की 39 ग्राम पंचायतों में प्रिया साफ्टवेयर की फीडिंग का कार्य पूरा नहीं हुआ है।