सर्द हुए मौसम के मिजाज से भौचक लोग अब घने कोहरे से लिपटे रहने वाले जिले में शीत लहर के अहसास से सिहरन महसूस कर रहे है। मौसम के यह मिजाज खेती किसानी खास तौर से गेहूं की फसल के अनुकूल है मगर हल्की बारिश की दरकार के बीच अभी भी किसानों को मौसम के मिजाज समझ में नहीं आ रहे है। लिहाजा सर्द हवाओं के बीच खेतों में पानी लगाकर फसलों को आक्सीजन देने का कार्य कर रहे है।
ज्ञात हो कि घने काले कोहरे से छुटकारा न मिल पाने के कारण जहां यातायात सिसक रहा है तो वहीं लोगोें को सुबह के समय कंपकंपी छूट रही है। लोगों की सुबह काफी देर से हो रही है और मार्निक वाक से लेकर दिनचर्या बिगड़ी हुई है। खास बात यह है कि सोमवार को दिन के समय धूप खिली रहने से सर्दी से राहत रही मगर शाम होते ही वातावरण में बढ़ी गलन लोगों के लिए फिर शीत लहर का अहसास कराने वाली रही । देर शाम से शुरू होने वाला कोहरा ठंड बढ़ाने के साथ ही यातायात पर ब्रेक लगाने का काम कर रहा है। कोहरे के कारण ट्रेनें घंटो लेट चल रही है। सोमवार को तापमान का अधिकतम स्तर 20.0 और न्यूनतम 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
कृषि वैज्ञानिक एवं जिला कृषि अधिकारी डा. विनोद कुमार यादव ने कहा कि यह सही है कि मौसम के मिजाज अब खेती किसानी के लिए ठीक है मगर अपेक्षित नमी बनाए रखने तथा गेहूं के अलावा अन्य फसलों के लिए हल्की बारिश की दरकार है। जिसके चलते किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए विभिन्न सिंचाई साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है।