फोटो-01- श्रवण देवी मंदिर में अष्टमी पर्व पर सजी माता रानी की मूर्ति। संवाद
हरदोई। चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने मां महागौरी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर धन-धान्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शहर से लेकर गांवों तक घरों और मंदिरों में भक्ति और आस्था का माहौल रहा।
सुबह से ही लोगों ने पूजन-अर्चन की तैयारी शुरू कर दी। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मां को फल-फूल, नारियल, चुनरी और नैवेद्य आदि अर्पित कर भोग-प्रसाद लगाया। हवन-यज्ञ में आहुतियां दीं। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती पाठ, चालीसा और आरती की। महिलाओं ने देवी गीतों और भजनों से मां दुर्गा का गुणगान किया। श्रद्धालुओं ने मां महागौरी से धन-धान्य, सुख-शांति और परिवार में खुशहाली की प्रार्थना की।
पंडित सनत्कुमार मिश्र और उमाकांत अवस्थी ने नवरात्र की इस तिथि को महाअष्टमी पर्व बताया। इसमें कुछ लोग कन्या पूजन भी करते हैं। वहीं कुछ लोग नवमी को कन्या पूजन करते हैं, अष्टमी को व्रत रखते हैं। मां महागौरी का स्वरूप बेहद सुंदर और दिव्य है। इनकी पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और धन-धान्य की वृद्धि और मानसिक शांति मिलती है। मां महागौरी का वाहन बैल है और भगवान शिव का वाहन भी बैल है। मां दुर्गा का एक नाम शिवा भी है और वह शांत मुद्रा में विराजमान रहती हैं।
फोटो-01- श्रवण देवी मंदिर में अष्टमी पर्व पर सजी माता रानी की मूर्ति। संवाद
फोटो-01- श्रवण देवी मंदिर में अष्टमी पर्व पर सजी माता रानी की मूर्ति। संवाद