हरदोई। वर्ष 1939 से 1945 के मध्य चले द्वितीय विश्व युद्ध में अपनी जान की बाजी लगाने वाले सैनिकों और उनके आश्रितों को प्रदेश सरकार ने पेंशन वृद्धि की सौगात दी है। पेंशन वृद्धि से जिले के डेढ़ सौ से अधिक पूर्व सैनिकोें को लाभ मिलेगा।
जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास कार्यालय की मानें तो जिले के सात सौ से आठ सौ सैनिकों ने विश्व युद्ध में अपनी जान न्यौछावर की थी। विश्व युद्ध के जिले में अधिकतर पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की मौत तक हो चुकी है। द्वितीय विश्व युद्ध के डेढ़ सौ सैनिक शेष हैं। जिनको अब तक चार हजार रुपये मासिक पेंशन दी जा रही थी। जिसमें अब राज्य सरकार ने दो हजार रुपये की वृद्धि कर दी है। जिसके बाद अब इन भूतपूर्व सैनिकों को छह हजार रुपये पेंशन दी जाएगी।
इस संबंध में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर गुरशरन गौर ने बताया कि जिले में वैसे तो पूर्व सैनिक व उनके आश्रितों की संख्या छह हजार से अधिक है। लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों की संख्या अब डेढ़ सौ के करीब है। जिनको अब राज्य सरकार छह हजार रुपये मासिक पेंशन देगी।
2008 में हुई थी बड़ी वृद्धि
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि 100 रुपये से शुरू हुई पेंशन अब छह हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2008 में तीन हजार रुपये की बड़ी वृद्धि की गई थी। जिसके बाद इस वर्ष भी दो हजार की वृद्धि होने के बाद सैनिकों ने राहत की सांस ली है।
बशर्ते उपस्थिति समय पर देते रहें सैनिक
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि वह सभी पूर्व सैनिकों व आश्रितों से कहना चाहते हैं कि अपनी उपस्थिति समय पर देते रहें जिसके चलते उन्हें समय पर पेंशन दी जाती रहे। अन्यथा की स्थिति में पेंशन देने में विलंब होता है जिसके बाद इन्हीं पूर्व सैनिकों को मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है।