हरदोई। अमृत योजना के तहत कार्य पूरा होने का निर्माण इकाई ने प्रमाणपत्र संस्था ने जारी कर दिया है। लेकिन हकीकत में सड़कें अभी भी उखड़ी पड़ीं हैं। आए दिन इन सड़कों पर गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं।
अमृत योजना के तहत हर घर जल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू किया गया था। जिसकी जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की ओर से जल निगम को दी गई थी। कार्यदायी संस्था को पाइप लाइन डालने के बाद सड़क को सही कराने की भी जिम्मेदारी थी। उसको सड़क खोदने की अनुमति लेने के अलावा उसका सही कराने का प्रमाण पत्र भी देना था। कार्यदायी संस्था की ओर से पाइप लाइन बनाने के बाद सड़क को आधा-अधूरा बनाया गया और सड़क की मरम्मत कराने में मानक का प्रयोग नहीं किया गया। निगम के इंजीनियरों ने पालिका प्रशासन को सभी सड़कों को सही कराने का प्रमाणपत्र सौंप दिया। पालिका प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में हकीकत सामने आई। अधिकांश सड़कें उखड़ी पाई गईं हैं।
इन मोहल्लों में खोदी गई सड़कें
इससे शहर के मोहल्ला सुभाषनगर, लाइनपुरवा, बोर्डिंग हाउस, चीलपुरवा, कृष्णनगरिया, चंदीपुरवा, कौशलपुरी, आलू थोक उत्तरी (भट्ठापुरवा), अशराफ टोला, नवीपुरवा, नई बस्ती, न्यू सिविल लाइन, नुमाइश पुरवा, बहरासौदागर पूर्वी आदि क्षेत्रों में खोदी गई सड़कें बदहाल है।
पालिका के अधिशासी अधिकारी रविशंकर शुक्ला का कहना है कि सही प्रकार से काम नहीं कराने पर हॉल ही में नामित फार्म के संचालक विद्युत कुमार जैन निवासी कुन्दन भवन सेक्टर-23 इंदिरा नगर लखनऊ के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।