हरपालपुर (हरदोई)। आठ फरवरी को आशनाई में बहला-फुसलाकर मायके से ले जाई गई विवाहिता का शव सोमवार शाम हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र में कीर्तियापुर पुल के नीचे गंभीरी नदी में बोरे में बंद पड़ा मिला। घटना की सूचना पर एसपी ने मौके का निरीक्षण किया और हत्या करने के बाद शव फेंके जाने की बात कही। पुलिस ने पूर्व में मृतका के पिता द्वारा चार लोगों के विरुद्ध दर्ज बहला-फुसलाकर ले जाए जाने के केस को हत्या के मामले में तरमीम कर दिया है।
हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पलिया निवासी श्याम नरेश ने पुत्री डाली (20) का विवाह अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम खद्दीपुर निवासी भारत के साथ 10 माह पहले किया था। 20 दिन पहले डाली मायके ग्राम पलिया आई थी। आठ फरवरी को वह मायके से संदिग्ध हालात में गायब हो गई थी। इस पर पिता श्यामनरेश ने गांव निवासी शुभम उर्फ मोनू पुत्र प्रमोद, भूरा और खिलाड़ी पुत्रगण चटरू व शुभम के ममेरे भाई चमन के विरुद्ध बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट हरपालपुर कोतवाली में 11 फरवरी को दर्ज कराई थी। सोमवार शाम गांव के निकट ही कीर्तियापुर पुल के किनारे मवेशी चरा रहे कुछ लोगों ने गंभीरी नदी में बंद पड़े बोरे से बदबू आने की सूचना पुलिस को दी। इस पर हरपालपुर और अरवल थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। बोरे को खुलवाया गया तो उसमें विवाहिता का शव था।
शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। श्यामनरेश भी परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और शव डाली का होने की बात कही। बोरे में शव मिलने की सूचना पर एसपी अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी त्रिगुण बिसेन, सीओ राकेश वशिष्ठ भी मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। हरपालपुर कोतवाल भगवानचंद्र ने बताया कि पहले से दर्ज मामले को ही हत्या में तरमीम कर दिया गया है।