संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। नवरात्र शुरू हो चुके हैं, करवाचौथ व दीवाली का त्योहार करीब होने के कारण कपड़ा बाजार में भी खरीदारों ने आना शुरू किया है। इससे करीब चार माह बाद कपड़ा बाजार का सन्नाटा टूटा है। कपड़ा बाजार में भी साड़ियों की मांग ही दिख रही है।
नवरात्र पर खरीदारी को शुभ माना जाता है और खासकर महिलाओं की ओर से पूजा-अर्चना के लिए इन दिनों में खरीदारी को वरीयता को भी मिलती है। अन्य बाजारों के साथ ही कपड़ा बाजार में भी खरीदारों की आमद से करीब चार माह बाद शोरूम, दुकानों पर रौनक लौटने लगी है।
कपड़ा बाजार में अब भारी नहीं, लाइटवेट की फैंसी साड़ियां महिलाओं की पहली पसंद में शामिल हैं। महिलाएं सिल्क, सिफान, बनारसी, आरगेंजा, न्यू कढ़ाई वाली साड़ियां अधिक पसंद आ रही हैं। इसके साथ ही ब्रांडेंड साड़ियां भी शोरूमों पर उपलब्ध हैं और इनकी ओर भी महिलाएं रुख कर रही हैं लेकिन अन्य की अपेक्षा इन की मांग कम है।
त्रिलोकी वस्त्रलोक के संचालक गोपाल मेहरोत्रा ने बताया कि कपड़ा बाजार में चार माह बाद माता रानी के आगमन के साथ ही रौनक लौटनी शुरू हुई है। बरसात की सीजन से ही कपड़ा बाजार मंदा पड़ जाता है। ऐसे में नवरात्र शुरू होने के बाद खरीदारों के आने से अच्छे व्यापार की संभावना है। नवरात्र में महिलाओं की ओर से खरीदारी शुरू की गई है।
महिलाएं करवाचौथ व दीवाली के दृष्टिगत खरीदारी को वरीयता दे रहीं हैं। महिलाओं में अब पुराने जमाने की भांति वजनदार साड़ियों के प्रति कोई लगाव नहीं दिख रहा है। महिलाएं लाइटवेट फैंसी, सिल्क, बनारसी व शिफान साड़ियों को अधिक पसंद कर रही हैं।
भसीन सेलेक्शन के संचालक विवेक भसीन ने बताया कि त्योहार पर बाजार को रुख बदला है। साड़ियों की खरीदारी के लिए महिलाओं ने बाजार का रुख किया है। न्यू कढ़ाई, रेशमवर्क के साथ ही शिफान, बनारसी और सिल्क की साड़ियों को पसंद कर रही हैं। नवरात्र के शुरुआती दिनों में महिलाओं के रुख से बाजार अच्छा होने की उम्मीद है।