हरपालपुर। हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव में स्वयं सहायता समूह से नाम काटे जाने का आरोप लगाकर एक महिला गांव में ही नीम के पेड़ पर चढ़ गई।
इस दौरान महिला दुपट्टे का फंदा डाले थी, कपड़ों को डीजल से भिगो रखा था और माचिस भी उसके पास थी। लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन ने किसी तरह हाइड्रा की मदद से महिला को पेड़ से नीचे उतारा।
सिरसा गांव निवासी शिवरानी राठौर ब्लॉक के ही गीता आजीविका स्वयं सहायता समूह की सचिव हैं। पति दिल्ली में रहकर प्राइवेट फैक्टरी में काम करते हैं। बृहस्पतिवार सुबह लगभग छह बजे वह गांव के बाहर एक नीम के पेड़ पर चढ़ गईं। इसकी जानकारी पर ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कुछ ही देर में सवायजपुर के नायब तहसीलदार राजेश कुमार, हरपालपुर कोतवाल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। महिला से नीचे आने के लिए कहा गया तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कराने के लिए अड़ गई। इस बीच महिला कभी डीजल अपने शरीर पर छिड़क रही थी तो कभी फंदा डालकर जान देने की धमकी दे रही थी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बाद उसने क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू को बुलाने की जिद पकड़ ली। महिला को काफी समझाया गया, लेकिन वह नहीं मानी। लगभग पांच घंटे बाद सांडी नगर पालिका से हाइड्रा मंगवाई गई और महिला को किसी तरह नीचे उतरवाया गया। यहां महिला ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि उसका नाम स्वयं सहायता समूह से ब्लॉक केे बाबू ने काट दिया। जल सखी के पद पर चयन नहीं किया गया। ब्लॉक प्रमुख हरपालपुर अनोखेलाल कश्यप पर मारपीट कर भगाने का आरोप लगाया, लेकिन ब्लॉक प्रमुख ने इससे इन्कार किया है।