हरदोई। शहर के अंदर से होकर गुजरने वाले पिहानी चुंगी से लखनऊ चुंगी तक मार्ग के चौड़ीकरण और डिवाइडर के लिए अभी लोगों को इंतजार करना होगा।
बढ़ते यातायात के दबाव और वाहनों की संख्या से शहर के अंदर के मार्गों की चौड़ाई कम पड़ती जा रही है। यातायात व्यवस्था बेतरतीब हो रही है। जाम भी लगता है। डिवाइडर न होने से लोग वाहनों को मनमाने ढंग से मोड़ देते हैं और यह कई बार हादसों का भी कारण बनता है।
शाहजहांपुर से लखनऊ तक मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन है। एनएचएआई ने इस मार्ग को चार लेन में बनाने के साथ ही शहर के बाहर-बाहर यातायात संचालन के लिए कार्ययोजना में बाईपास भी शामिल किया है। बाईपास का काम भी शुरु हो गया है, लेकिन बनकर तैयार होने में अभी समय है।
इससे बाईपास अभी उपयोग में न आने से शाहजहांपुर और लखनऊ रोड से आने और जाने वाले बड़े वाहनों को भी शहर के अंदर से ही होकर गुजरना पड़ता है। वाहनों की संख्या से यातायात का दबाव बढ़ा है, लेकिन मार्ग की चौड़ाई उतनी ही है। प्रशासन ने साल 2022 में मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और डिवाइडर के लिए कार्ययोजना तैयार कराई थी। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस काम के लिए उस समय करीब 40 करोड़ की कार्ययोजना बनी थी। मार्ग एनएचएआई की ओर से लोक निर्माण को न दिए जाने की सहमति से कार्ययोजना फाइलों में गुम हो गई।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने एक बार फिर से मार्ग के इस भाग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और डिवाइडर के लिए प्रयास तेज किए हैं। एनएचएआई ने इस भाग पर नवीन काम कराने से मना कर दिया है। इससे लोगों को अभी इंतजार करना होगा।
बाईपास का काम कराया जा रहा है। एनएचएआई की ओर से शाहजहांपुर और लखनऊ रोड के यातायात को जोड़ने के लिए बाईपास बनवाया जा रहा है, जिससे इसके बाद के भाग पर कोई नवीन काम कराया जाना प्रस्तावित नहीं है। प्रशासन ने इस भाग को लोक निर्माण विभाग को देने के लिए कहा है। मार्ग के इस भाग को हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव दोबारा से तैयार कराया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द ही मार्ग लोक निर्माण विभाग को दे दिया जाए। -प्रशांत द्विवेदी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई खंड बरेली