पिहानी। बाघ आया और गया, पता न चला कहां। वन विभाग की टीम उसे तलाशती रह गई। अब कस्बे में खेतों में जंगली जानवर के पंजे के निशान मिलने से किसानों में फिर दहशत छाई है। उन्होंने भेड़िया होने की आशंका जताई है। रात में खेत की ओर जाना बंद कर दिया है।
कस्बे में एक गन्ने के खेत में पिहानी के मोहम्मद आमिर ने किसी जंगली जानवर के पंजों के निशान देखे। यह सियार के पंजों से काफी बड़े हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि पिछले दो दिन से खेत की ओर से सियार आदि के बोलने की आवाजें भी नहीं आ रही हैं। मवेशी भी उधर नहीं जा रहे हैं।
शुक्रवार को खेत में पंजों के निशान मिलने से इलाके में किसी जंगली जानवर की उपस्थिति के संकेत मिल रहे हैं। लोगों ने अंधेरे में खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है। इसके अलावा कस्बे की सीमा पर बसे नागरिक रात जागकर पालतू मवेशियों की रखवाली कर रहे हैं। पंजों के बारे में जानकार कहते हैं कि यह शेर, बाघ या तेंदुए के निशान नहीं हैं। भेड़िया या ऐसी ही नस्ल का कोई दूसरा जानवर हो सकता है।