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गेहूं कम निकलने पर दो किसानों ने दम तोड़ा

Sun, 26 Apr 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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खेत में थ्रेसर से गेहूं कटवाने केे दौरान अनाज कम निकलता देख अलग-अलग स्थानों पर दो किसानों की हालत बिगड़ गई। एक की घर पहुंचते ही मौत हो गई, जबकि दूसरे किसान की लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने मौत का कारण हार्ट फेल बताया है, जबकि स्थानीय प्रशासन के अफसरों का कहना है कि दोनों मौतें फसल बर्बादी से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार, मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुचुवापुर निवासी बालकराम (50) के पास करीब दो बीघा खेत था, जिसमें गेहूं की फसल तैयार कराई थी। बेमौसम बारिश में कुछ फसल बर्बाद हो गई और शेष बची फसल को वह बीती रात करीब आठ बजे थ्रेसर से कटवा रहे थे।

बताया जाता है कि इस दौरान उसकी निगाह गेहूं पर पड़ी तो वह काफी कम मात्रा में निकल रहे थे। इस पर उसकी हालत बिगड़ गई। उसके बेटे मनोज और सनोज उसे लेकर घर पहुंचे। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे ने बताया कि उसकी दो बहनों में छोटी बहन की शादी के वक्त पिता ने ऋण लिया था।
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उसे अदा करने के लिए वह परेशान थे, ऐसे में फसल भी बर्बाद हो गई। सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल राजकुमार ने गांव जाकर जांच पड़ताल की। इधर, सांडी थाना क्षेत्र के मसूरपुर निवासी भैयालाल (55) के पास 15 बीघा खेत था। 8 बीघा उसने बंटाई पर लिया था। बीती रात खेत में बची फसल को वह थ्रेसर से कटवा रहे थे।

इस दौरान गेहूं कम निकलने पर उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए। यहां से चिकित्सक ने ट्रामा सेेंटर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस बाबत प्रधानपति सुरेंद्र ने बताया कि भय्यालाल की हृदयगति रुकने से मौत हुई है।

घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल जगदीश वर्मा ने शनिवार को गांव जाकर जांच पड़ताल कर रिपोर्ट एसडीएम को भेजी। वहीं एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी ने कहा कि जांच पड़ताल मेें दोनों किसानों की मौत फसल क ी बर्बादी से नहीं, बल्कि बीमारी के चलते हुई है।
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