फोटो 31: बिलग्राम के घासीराम पुरवा में बाढ़ से टूटी झोपड़ी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम। गर्रा नदी में कई दिनों बाद रविवार को जलस्तर में फिर से करीब 11 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। वहीं गंगा और रामगंगा नदी के पानी कम होने के साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही गांवों के अंदर और आसपास गंदगी छोड़ रहा है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के बाद अब लोग चर्मरोग से पीड़ित हो रहे हैं।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। गांवों में पानी घटने के साथ गंदगी और कीचड़ की परत छोड़ गया है। गांवों के अंदर और आसपास गंदगी जमा होने से अब बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई ग्रामीण चर्मरोग से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं गर्रा नदी में फिर पानी बढ़ने से लोगों की चिंता दोबारा बढ़ गई है। बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है।
रविवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 38,740 क्यूसेक पानी छोड़ा गया हालांकि गंगा नदी के जलस्तर में करीब 25 सेंटीमीटर की कमी दर्ज गई है। गंगा नदी का जलस्तर फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर अब चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से नीचे 136.30 मीटर गेज पर आ गया है। राजघाट पर 125.00 मीटर गेज पर दर्ज किया गया। रामगंगा नदी का जलस्तर शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 136.15 मीटर पर दर्ज गया। वहीं गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 275 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गर्रा में सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 11 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और जलस्तर 128.11 मीटर पर आ गया है।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी में आई बाढ़ का पानी गांवों से निकल चुका है। गंगा का जलस्तर भी घट गया है। पानी अब गांवों से दूरी बढ़ाता जा रहा है परंतु पानी निकलने के बाद भी गांवों की फसलों, निचले और छिछले इलाकों में भरा है। इससे फसलें खराब हो रही हैं। पानी निकलने के बाद भी गांवों के आसपास गंदगी जमा है। गांवों के किनारे पर फूस की झोपड़ियां भी गिरी हैं जिनमें अब मरम्मत और नई झोपड़ी बनाने का काम चल रहा है। पूरे क्षेत्र में कामकाज की भी समस्या है। घरों में ग्रामीण साफ-सफाई कर रहे हैं। फसलों के खराब होने से किसानों पर आर्थिक मार भी पड़ी है। एसडीएम एन राम ने पानी कम होने के बाद भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया। प्रभावित परिवारों से संवाद किया। फसलों का सर्वे जल्द ही कराने की बात कही।
फोटो 31: बिलग्राम के घासीराम पुरवा में बाढ़ से टूटी झोपड़ी। संवाद