संवाद न्यूज एजेंसी
टड़ियावां। क्षेत्र में बरसाती नाला में बारिश व रावल ड्रेन से पानी आने से ओवरफ्लों होकर गांवाें व खेतों में भरे पानी के निकलने से फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। भिरिया गांव के 15 परिवार अभी भी फुटपाॅथ पर पन्नी के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। शारदा नहर विभाग ने रैंप वाले स्थान पर नाला की पटरी को दुरूस्त कराते हुए गांव की ओर जाने वाले पानी को बंद करा दिया है।
क्षेत्र में शारदा नहर से निकले आकस्मिक पानी को निकालने वाली रावल ड्रेन के पानी व बारिश के पानी से सैचामऊ व भिरिया के पास नाला ओवरफ्लो हाेने से खेतों व गांवों में पानी भर गया था। सैचामऊ, भिरिया, दुबघटिया, अयारी, रमदानकुड़ी व बहोरवा आदि गांव के खेतों की फसलों को पानी से नुकसान पहुंचा है।
भिरिया गांव में तीन-तीन फीट तक पानी भर जाने से 15 परिवार हरिहरपुर मार्ग के फुटपॉथ पर पन्नी डालकर रह रहे हैं। शनिवार को भिरिया के ग्रामीणों की ओर से सड़क काटकर पानी निकाले जाने से खेतों से पानी उतरने लगा है।
भिरिया गांव के बबलू, जसवंत, तेजपाल, सुरेश, नीरज, दिनेश आदि ने बताया कि पानी भरने से मूंगफली, तिल्ली, बाजरा, उर्द की फसल को नुकसान पहुंचा है। सैचामऊ के साबिर, सादिक, गुड्डू, श्यामू, राकेश, कमलेश, मलखान, सूरज आदि ने बताया कि फसलों को नुकसान होने से उत्पादन भी प्रभावित होगा।
दुबघटिया सावल, कमलेश, भानू, राजकुमार, सरवन, आसाराम, राकेश, अयारी के सुरेश, अर्जुन, कमलेश, भैयालाल, प्रभु, मुलायम व बहोरवा के मुकुटबिहारी, राकेश, राजेंद्र, रामानंद, सच्चिदानंद, आदि लोगों ने बताया कि तिल्ली व मूंगफली की फसलें पूरी तरह से नष्ट होने की कगार पर हैं।
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राजस्व टीम ने नुकसान का लिया जायजा
सदर तहसील के नायब तहसीलदार पीयूष भार्गव ने राजस्व टीम के साथ भिरिया आदि गांवों व प्रभावित खेतों का जायजा लिया। ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पानी निकासी के लिए नाली खुदवाई जाएगी।