नवरात्र के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा
अर्चना कर श्रृद्धालुओं ने कन्या भोज कराया वहीं हर्षोल्लास के बीच श्रीराम
नवमी मनाई गई। इस दौरान जगह-जगह यज्ञ, आरती, जाप, कीर्तन आदि कार्यक्रम
संपन्न हुए। जिला अस्पताल चौराहा स्थित मौनी बाबा मंदिर पर भगवान
श्रीराम का प्रकटोत्सव मनाया गया।
पुजारी हरिओम पांडेय शास्त्री ने भगवान
को भोग लगाकर महाआरती उतारी। इस मौके पर योगेश्वर नाथ पांडेय, राजेंद्र
प्रसाद पांडेय, लवकुश पांडेय, राममोहन श्रीवास्तव, राममुरारी पांडेय, आरके
पांडेय, सलिल दीक्षित, हर्षित श्रीवास्तव, राजू गुप्ता, राकेश तिवारी आदि
मौजूद थे।
इधर, पचासा धाम में कवि हरिशंकर पांडेय द्वारा रचित श्रीराम
पचासा का 9 बार पाठ किया गया। इस मौके पर जय गोपाल पांडेय, रश्मि शुक्ला, मंजू दीक्षित आदि
मौजूद थे। उधर, पिहानी के मझिया स्थित गायत्री शक्ति पीठ पर यज्ञ में
प्रेमचंद कश्यप ने कहा कि यज्ञ शब्द का भावार्थ है पवित्रता, प्रखरता एवं
उदारता, यही तत्व दर्शन व्यक्तिगत जीवन में समाविष्ट रहना चाहिए।
इस दौरान
रामआसरे व संतोष ने भक्ति गीत गाए। शाम को कन्या भोज और भंडारे हुआ।
कार्यक्रम के दौरान डा. महेंद्र सिंह, डा. रामप्रकाश, डा. आशीष सिंह, बृज
किशोर, रमेश सिंह, संजीव सिंह, सुनीता, विनीता, लड़ैती, सुशीला व छोटी
बिटिया आदि ने व्यवस्थाएं देखीं। इच्छापूर्णी मंदिर पर यज्ञ व पूजन के बाद
महिलाओं ने दुर्गा जी का गुणगान किया।
मंदिर पर नवरात्र के अंतिम दिन
श्रंगार व पूजन के बाद रामनवमी मनाई गई। इस दौरान महिलाओं ने गीत संगीत से
मां दुर्गा का गुणगान किया। गायत्री प्रज्ञा पीठ पिहानी में 24 हजार
मंत्रों का जाप पूरा हुआ। नगर के भूरेश्वर, दानेश्वर, आनंदेश्वर, मंशानाथ
आदि मंदिरों पर पूरा दिन भक्तों का तांता लगा रहा।
उधर, शाहाबाद क्षेत्र
स्थित मंदिरों में दिन के बारह बजते ही घंटे, शंख, घड़ियालों के मध्य
मंगलमय आरती के साथ भगवान श्रीराम का प्रकटोत्सव मनाया गया। वहीं अंतिम
नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री की पूजा कर कल्याणमय जीवन की
कामना की।
माधौगंज नगर के जक्ख देवी मंदिर, संदोहन देवी मंदिर, फूलमती
मंदिर में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब मां के दर्शन व पूजन अर्चन को उमड़
पड़ा। उसके बाद श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोज कराकर अपना व्रत पूर्ण
किया।
संडीला में अखिल भारतीय मानस प्रचार समिति के अध्यक्ष गंगासरन गुप्ता
एवं महिला शाखा की अध्यक्षा सलोनी गुप्ता के संयुक्त संयोजकत्व में
रामजन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर कवि रुद्रपाल गुप्ता सरस व
रामगोपाल सोनी ने कविताएं सुनाईं।