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मतदाता सूची में गड़बड़ी के चार आरोपी दबोचे गए

Mon, 09 Nov 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने उनके पास से एक लैपटाप व छह मोबाइल बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि एसडीएम संडीला ने थाने में सूचना दी गई थी कि तहसील के ग्राम सिकंदरपुर, कुकरा और भरावन में बीएलओं की ओर से बिना अपमार्जन सूची दिए मतदाता सूची में नाम संसोधित कर दिए गए। इसकी जिम्मेदारी अनिल कुमार जैन प्रोपराइटर कुशाग्र इंटरप्राइजेज विकास नगर लखनऊ के पास है।

इस पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत किया था। एसपी ने बताया कि इस मामले की जांच में संस्था के आपरेटर अमित कुमार पुत्र राम भवन त्रिपाठी निवासी भठपुरा पुरवा थाना सखारी जनपद अंबेडकर नगर, अभिषेक मिश्र उर्फ गोलू पुत्र राम गोपाल निवासी न्यू सिविल लाइन पिहानी चुंगी, नरेंद्र पाल पुत्र राम आसरे निवासी पुरानी बस्ती कल्यानपुर थाना गुडंबा जनपद लखनऊ और पिंटू पुत्र राम स्वरूप निवासी खालोपुरवा थाना बिलग्राम के शामिल होने की पुष्टि हुई।
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पुलिस ने चारों आरोपियों को धर दबोचा। उनके पास से एक लैपटाप और छह मोबाइल फोन बरामद किए। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया। साथ ही हरदोई नगर के ग्राम थमरावा की मतदाता सूचियों में अवैध रूप से नाम बढ़ाने की बात स्वीकार की।

चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि इन लोगों से आगे भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने अभियुक्तों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी नित्यानंद राय, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी बीसी दुबे, सीओ हरपालपुर नितेश सिंह सहित पुलिस टीम के सदस्य मौजूद रहे।

आखिर आपरेटर तक कैसे पहुंचा पासवर्ड
आयोग की वेबसाइट खोलने के लिए पासवर्ड संबंधित तहसील क्षेत्र के एसडीएम व एडीएम के पास होता है। ऐसे में पासवर्ड आपरेटर तक कैसे पहुंचा। यह भी जांच का विषय है। एसपी ने बताया कि इन सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल की जा रही है।

एक लाख रुपये में किया था सौदा
मतदाता सूची में हेरफेर के लि एक लाख रुपए पेशगी दी गई थी। इसका खुलासा आरोपियों  से पूछताछ में हुआ। एसपी ने बताया कि इस मामले में कुछ और लोगों से भी पूछताछ चल रही है। जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।

लखनऊ में  करते थे काम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित एक किराये के कमरे में बैठकर डाटा फीडिंग में खेल करते थे। इसका खुलासा आयोग से डाटा की जांच के बाद हुआ है। 
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