हरदोई। जिले में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर तैनात रहे विजय नारायण राजपूत ने 1.78 करोड़ से अधिक का हिसाब नहीं दिया। यह रुपये उन्होंने कानपुर देहात के ब्लॉक रसूलाबाद में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ आईएसबी) के पद पर रहते हुए प्रशासक के रूप में खर्च किए थे। ऑडिट में गड़बड़ी सामने आने पर कानपुर देहात के जिला पंचायत राज अधिकारी ने हिसाब मांगा है। वसूली की चेतावनी दी।
एडीओ से प्रोन्नति पाकर बीडीओ के पद पर जिले में साल 2024 में तैनाती पाए विजय नारायण राजपूत जिले से ही सेवानिवृत हो गए हैं। वहीं कानपुर देहात के डीपीआरओ विकास पटेल ने जारी पत्र में वसूली की चेतावनी दी है। कहा कि साल 2020-21 में ब्लॉक रसूलाबाद में एडीओ के पद पर तैनाती के दौरान ग्राम पंचायतों में प्रशासक नामित किए गए थे। प्रशासक रहते हुए उन्होंने ग्राम पंचायतों में विकास, खरीदारी आदि के नाम पर करीब 1,87,88,296 रुपये खर्च किए जाने का हिसाब नहीं दिया है। यह गड़बड़ी जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने ऑडिट में पकड़ी है। कई बार कहे जाने के बाद भी ऑडिट प्रकरणों का निस्तारण नहीं कराया गया।
बताया कि प्रोन्नत होकर विजय नारायण जिले में ब्लॉक सांडी और कछौना आदि में बीडीओ रहे। इस लिहाज से कानपुर देहात के डीपीआरओ ने कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय ने बताया कि कानपुर देहात के डीपीआरओ के पत्र मिले हैं। ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े होने के कारण पत्रों को अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को भेज दिया गया है।
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इन ग्राम पंचायतों में मिली गड़बड़ी
कानपुर देहात के डीपीआरओ विकास पटेल के पत्र के मुताबिक विजय नारायण राजपूत ने रसूलाबाद की ग्राम पंचायत थान हमीरपुर में 22,59,437 रुपये, अपौना में 14,18,135, अमरोहिया में 18,88,888, खेड़ा कुर्मी में 31,13,966, औरंगाबाद में 4,76,214, अलीपुर रामाहारा में 18,91,782, ताजपुर तरसौली में 16,45,163, दलिकपुर महाराजा में 6,54,844, भीतरगांव में 1,46,431, गंभीरा में 11,02,600, टिपटिया में 46,98,971 और मेधजाल में 1,62,686 रुपये की ऑडिट में गड़बड़ी मिली है। इसका हिसाब नहीं मिल पाया है।