मल्लावां (हरदोई)। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के तेंदुआ गांव में चोरी के इरादे से घुसे बदमाश को एक युवक ने पकड़ लिया। युवक की पकड़ से छूटने के लिए बदमाश ने धारदार हथियार से हमला कर दिया।
घटना में युवक घायल हो गया। इस दौरान बदमाश मौके से भाग गए। लगातार हो रही चोरी की वारदाताें से नाराज ग्रामीणों ने संडीला-मल्लावां मार्ग पर तेंदुआ गांव के बाहर जाम लगा दिया। लगभग दो घंटे बाद सीओ बिलग्राम के आश्वासन पर जाम खुला।
तेंदुआ निवासी राकेश कुमार रविवार रात परिजनों के साथ घर में सो रहे थे। राकेश के मुताबिक रात में लगभग 12 बजे उसके घर में चार नकाबपोश बदमाश घर में दाखिल हो गए। घर के अहाते में बंधे जानवरों के पास खड़े उनके चौपहिया वाहन का कवर हटाने लगे। इस पर जानवरों ने आहट करना शुरू कर दी। इससे राकेश के मकान में सो रहे संतोष की आंख खुल गई।
उन्हें दो नकाबपोश बदमाश नीचे और दो छत पर खड़े दिखे। नीचे खड़े बदमाश को उसने पकड़ लिया। इसी दौरान नकाबपोश बदमाश ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग और परिजन आ गए। तो बदमाश भाग निकले। जानकारी पर यूपी 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने भी जांच की।
राकेश ने घटना की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। शाम तक रिपोर्ट दर्ज न होने की जानकारी से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और मल्लावां संडीला मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा। सीओ सतेंद्र सिंह ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने और पूरे मामले में कार्रवाई कराने की बात कहकर ग्रामीणों को शांत किया।
कोतवाल के रवैये से ज्यादा आक्रोशित हैं ग्रामीण
घटना होने के लगभग 16 घंटे बाद जाम लगाए जाने की वजह की पड़ताल की गई, तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई। दरअसल ग्रामीण चोरी की घटना से उतना ज्यादा आक्रोशित नहीं थे जितना कोतवाल के रवैये से। सूत्रों के मुताबिक जब राकेश ने घटना की जानकारी कोतवाल को दी और घायल संतोष की चोटें दिखाईं तो कोतवाल भड़क गए।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि तुम लोग नाटक बनाकर लाए हो। तहरीर लेने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो मामला बिगड़ गया। कोतवाल के खिलाफ नाराजगी का आलम यह था कि बात तभी सुलझी जब कोतवाल को मौके पर शांत रहने के लिए अफसरों ने कहा।
पहले भी विधायक के दखल पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
बीती 24 फरवरी की रात तेंदुआ गांव में चोरी की वारदात हुई थी। नितेश कुमार, रामचंद्र और रामऔतार के मकानों को चोरों ने निशाना बनाया था। इन मकानों से दो लाख 65 हजार रुपये और लगभग 10 लाख रुपये के जेवर चोर चोरी कर ले गए थे।
पीड़ित परिवारों की ओर से तहरीर पुलिस को दी गई थी, लेकिन तब भी कोतवाल पूरी घटना को सिरे से खारिज करते रहे थे। इसके बाद विधायक आशीष सिंह आशू घटनास्थल पर पहुंचे थे और उनके दखल के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दस दिन बीत जाने के बाद भी घटना का खुलासा न होने से भी लोग आक्रोशित हैं।