मनरेगा, इंदिरा आवास व लोहिया आवासों को लेकर हुई
धांधली की जांच कराने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम पंचायत असलापुर
नागामऊ शाहाबाद के ग्रामीणों का गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में शुरू हुआ
धरना प्रदर्शन छठे दिन मंगलवार को भी जारी रहा।
धरना स्थल पर श्याम
कुमार सिंह, रामलड़ैते आदि ने कहा कि लोगों की समस्याओं के प्रति जिला
प्रशासन बिल्कुल संवेदनहीन होता जा रहा है। जिलाधिकारी से लेकर सीडीओ व
उच्च अफसरों को शिकायती पत्र दिए जा चुके हैं, पर कोई सुनवाई तक नहीं हुई।
मांग की कि लोहिया आवासों में एक ही परिवार के चार चार व्यक्तियों
को आवास दे दिए गए हैं।
कई धनवान अपात्र लाभार्थियों को भी आवास दे दिए
गए, उनकी जांच कर अपात्रों के आवास निरस्त कर पात्रों को लोहिया आवास दिलाए
जाए। वित्तीय वर्ष 10 से 14-15 तक बने व स्वीकृत इंदिरा आवासों में हुई
भारी अनियमितता की जांच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की
जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि हरदोई सवायजपुर मार्ग से दाहिने लोनार से
असलापुर तक मार्ग निर्माण अतिशीघ्र कराया जाए। इसके अलावा असलापुर नांगामऊ
में आधार कार्ड कैंप लगाया जाए। गांव में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
संचालित किया जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा में वित्तीय वर्ष
10-14 तक हुए कार्यों में प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा लगभग 43 लाख की धनराशि
का गोलमाल किया गया है।
जिसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने
कहा कि पांच दिनों के धरना प्रदर्शन में किसी भी अधिकारी के द्वारा कोई
सुध नहीं ली गई है। यदि 15 जनवरी तक उनकी मांगों पर अमल न किया गया तो सात
ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठेंगे।
प्रशासन को दिए गए पत्र में धनीराम,
बालकराम, पंकज सिंह, रामलड़ैते, सालिकराम, सोबरन, मंजू देवी के भूख हड़ताल
पर बैठने की बात भी बता दी गई है। इस मौके पर रामलड़ैते, पंकज सिंह,
बालकराम, सोबरन, सालिकराम आदि थे।