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वाहन ने बाइक सवार साले-बहनोई को कुचला

Thu, 06 Jul 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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मुर्दाघर के बाहर मौजूद मृतकों के परिजन और पुलिसकर्मी। - फोटो : amarujala
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हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग पर चौपाल सागर के निकट बुधवार देर रात किसी वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। एक मृतक की जेब से मिले मोबाइल नंबर से परिजनों को सूचना दी गई। पता चला कि मृतक आपस में साले-बहनोई थे।
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बिलग्राम क ोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुल्हाड़ा निवासी जाबिर (32) पुत्र मोहम्मद साबिर चावल का थोक विक्रेता था। वह साले शब्बू (28) पुत्र कमरूद्दीन निवासी मढ़िया के साथ साझे में कारोबार करता था। सोमवार को जाबिर शब्बू के साथ बाइक से कारोबार के सिलसिले में पीलीभीत गया था।

बुधवार की रात दोनों वापस लौट रहे थे। बाइक चला रहा शब्बू हेलमेट लगाए था। देहात कोतवाली क्षेत्र के  अंतर्गत हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग पर चौपाल सागर के निकट किसी वाहन ने दोनों को रौंद दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव मोर्चरी में रखवा दिए।
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पुलिस ने जाबिर के पास मिले मोबाइल से उनके परिजनों को सूचना दी गई। रात तकरीबन 12 बजे जाबिर के परिजन वहां पहुंचे और शव देखकर बिलख पड़े। गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। कमरूदीन ने बताया कि हरदोई पहुंचने के बाद शब्बू को बहनोई को भेजने बिलग्राम जाना था।

रात करीब आठ बजे फोन कर शब्बू ने देर से घर पहुंचने की बात कही थी। जाबिर चार भाइयों में बड़ा था। उसके तीन बेटे व एक बेटी है। शब्बू दो भाइयों में बड़ा था। उसके दो बेेटे हैं। कोतवाल बलवीर सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। इस संबंध में अभी उन्हें तहरीर नहीं मिली है।

बिखर गई अफरोज की दुनिया
हरदोई। जाबिर के परिवार में माता-पिता के अलावा नौ भाई बहन थे। भाई बहनों में जाबिर दूसरे नंबर का था। जाबिर की पत्नी अफरोज पति की मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गई। जाबिर के चार बच्चे इमरान (9), सलमान (7), अली (5 )और फलक (2) हैं। बच्चों को और कुछ तो एहसास नहीं था लेकिन सबको बिलखता देख वह भी फूट फूट कर रोने लगे।

कारोबार के लिए निकले थे, मिल गई मौत
हरदोई। जाबिर की परिजनों की मानें तो इन दिनों वह अपने साले के साथ साझे में कारोबार कर रहा था। इसी सिलसिले में साले शब्बू के साथ बाइक से पीलीभीत गया था लेकिन मौत से मुलाकात ने सारे सपने चूर कर दिए। शब्बू सिलाई का काम दिल्ली में करता था और ईद में घर आया था। तब से वह गांव में ही रुका हुआ था और बहनोई के साथ कारोबार कर रहा था।

परिजनों ने किया हंगामा
हरदोई। जाबिर और शब्बू के परिजनाें ने मोर्चरी के बाहर हंगामा किया। दरअसल दोनों मृतकों के परिजनों को उनकी मौत का भरोसा ही नहीं हो रहा था। कुछ परिजनों ने जाबिर की सांसे चलती होने की बात कही। इस पर हंगामा शुरू हो गया। हंगामा होते देख इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. मनोज देशमणि ने जांच की। डॉक्टर ने जाबिर को मृत घोषित कर दिया तब परिजन शांत हुए।
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