फोटो- 37- अनंगपुर पीएचसी बेड पर बिछाई गई चादर और बेड को देखते सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय। संवाद
हरदोई/पचदेवरा। क्षेत्र की अनंगपुर स्थित न्यू पीएचसी में अव्यवस्थाओं और मरीजों की परेशानियों का समाधान हो गया।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने रविवार को सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। सीएमओ के आने की जानकारी होते ही कर्मचारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लगे रहे। इस बीच सीएमओ न्यू पीएचसी पहुंच गए और अपने सामने ही फटे गद्दे और चादर बदलवाईं। स्वास्थ्य केंद्र पर सफाई व्यवस्था बेहतर न होने पर नाराजगी व्यक्त की।
अनंगपुर स्थित न्यू पीएचसी का बड़ा बुरा हाल था। स्वास्थ्य केंद्र पर साफ-सफाई नहीं थी और वार्ड में गद्दे और चादर भी फटे पुराने बिछे हुए थे। बता दें कि संवाद न्यूज एजेंसी ने न्यू पीएचसी पर अव्यवस्थाओं से संबंधित खबर का प्रकाशन रविवार के अंक में किया। खबर प्रकाशित होते ही स्वास्थ्य विभाग तत्काल हरकत में आया। न्यू पीएचसी को संवारने का काम शुरू होने लगा। इस बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय भी अचानक पीएचसी पहुंच गए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ को प्रसव कक्ष में गद्दे फटे मिले। इस पर उन्होंने अपने सामने ही तत्काल बदलवाए। साथ ही जहां पर चादरें बिछा दी गई थीं वहां से भी चादर हटाकर गद्दों की स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में साफ-सफाई नियमित रूप से न करवाने पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। पीएचसी प्रभारी को व्यवस्था दुरुस्त करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए। वहीं लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
दूर की जाएंगी डॉक्टर व दवाओं की कमी
अनंगपुर न्यू पीएचसी पर डॉक्टर, स्टाफ और दवाओं की कमी बनी रहती है। इसका भी उल्लेख खबर में किया गया है। इस पर सीएमओ ने डॉक्टर और स्टाफ की कमी को जल्दी ही दूर करवाए जाने का आश्वासन दिया। दवाओं की कमी को दूर किए जाने की बात कहते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए न लिखा जाए। अस्पताल में सभी आवश्यक दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं ताकि गरीब मरीजों को इलाज के दौरान अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े। उन्होंने मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत भी दी।
फोटो- 37- अनंगपुर पीएचसी बेड पर बिछाई गई चादर और बेड को देखते सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय। संवाद
फोटो- 37- अनंगपुर पीएचसी बेड पर बिछाई गई चादर और बेड को देखते सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय। संवाद