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अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के निर्देश

Tue, 30 Jun 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विकास भवन में आयोजित जिला सतर्कता अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसद अंशुल वर्मा के सवालों के आगे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौन हो गए। गांवों में एक संस्था द्वारा कराए जा रहे सर्वे की जानकारी लेने पर प्रभारी अधिकारी जानकारी नहीं दे सकीं।
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सांसद ने योजनाओं को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इंद्रधनुष मिशन को समीक्षा में शामिल न करने पर अफसरों को फटकारा भी। विकास भवन सभागार में आयोजित जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसद अंशुल वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से संचालित की जा रही योजनाओं में अफसरों द्वारा बरती जा रही उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त की।

सांसद ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार नहीं हो रहा, जिससे लोगों को सही ढंग से इलाज नहीं मिल रहा है। सांसद ने कई बीमारियों से बचाव के संबंध में चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी की तो अधिकारी सही जवाब नहीं दे पाए।
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केंद्र सरकार के इंद्रधनुष मिशन को समीक्षा में शामिल न करने पर नाराजगी व्यक्त की। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सभी ब्लाकों के स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3,88,629 बच्चों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए और 2292 बच्चों को इलाज के लिए उच्च इकाइयों में भेजने के निर्देश दिए।

टीकाकरण के लिए रोस्टर बनाकर अभियान चलाने तथा अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में एक संस्था द्वारा किए जा रहे सर्वे में कार्यों की जानकारी न देने पर नाराजगी जताई। सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने आशा-बहुओं के बारे में जानकारी दी।

वहीं डा. अश्विनी कुमार ने संस्थागत प्रसवों के बारे में बताया। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की प्रगति बताने के साथ उन्होंने प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र व उपकेंद्र पर हीमोग्लोबिन व यूरिन की जांच किए जाने की जानकारी दी। डा. रमेश अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 14-15 में 15,146 मोतियाबिंद के आपरेशन करने की जानकारी दी। सांसद ने कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की छात्राओं और आश्रम पद्धति स्कूल के छात्राें का नियमित परीक्षण करने के साथ ही दवाओं का वितरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिला अस्पताल में विद्युत समस्या एवं जनरेटर न चलने की जानकारी ली। जिस पर सीएमएस ने स्वतंत्र फीडर के लिए विद्युत विभाग को एक करोड़ 50 लाख की धनराशि देने की बात कही, जबकि एक करोड़ 67 लाख रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता पर मांग को शासन को पत्र लिखने की बात कही। बैठक में समाजसेवी फखरूल इस्लाम फक्कन, एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह, सीएमएस आरके मिश्रा, डा. अंबुज सिंह, डा. आरके रावत, डा. विजय सिंह आदि मौजूद थे।
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