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दो का हार्ट फेल, एक फांसी पर झूला

Wed, 22 Apr 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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जिले में बर्बाद फसल देख किसानोें की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार को तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओें में दो किसानोें की मौत हृदयगति रुकने से हो गई, जबकि एक किसान ने खेत से घर आकर फांसी लगाकर जान दे दी।
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उधर, तहसील के अफसरों ने जांच के बाद तीनों घटनाओं के अलग अलग कारण बताते हुए मौत की बात कही, जबकि डीएम ने बताया कि किसी भी किसान की मौत फसल बर्बादी से नहीं हुई। संडीला क्षेत्र के सांक गांव निवासी रामऔतार के पुत्र राकेश कुमार (40) को पांच भाईयों के बीच हुए बंटवारे में 15 बिस्वा खेत मिला था, जिसमें वह खेती का काम करता था।

इससे गुजारा न होने पर लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर नौकरी कर ली थी। इधर, खेत में गेहूं की तैयार फसल को काटने दो दिन पूर्व लखनऊ से गांव आया था। परिजनों के अनुसार सोमवार को उसने गेहूं की फसल कटवाई और थ्रेसिंग करवाई तो 15 किलो गेहूं निकला। जिससे वह खेत मेें ही सिर पकड़कर बैठ गया।
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परिजन उसे लेकर घर आए। रात में वह खाना खाकर सो गया और सुबह मरे मिले। सूचना पर तहसीलदार ने लेखपाल को गांव भेजकर जांच करवाई। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक की पत्नी के अलावा एक पुत्री है। गांव मेें उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

टड़ियावां क्षेत्र के ग्राम बहार निवासी चक्रपाल कश्यप (45) पुत्र स्वर्गीय शिवदयाल मंगलवार को खेत पर फसल की कटाई देखने गए थे। वहां गेहूं की बाली में दाना न मिलने पर हार्ट अटैक पड़ गया। इससे वह खेत में ही गिर पड़े। खेत में मौजूद ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते इससे पहले मौत हो गई।

चक्रपाल के पुत्र ने बताया कि उसके पास 13 बीघा जमीन है। जिसमें से दस बीघा खेत में गेहूं बोया गया था। जो बारिश व ओलावृष्टि में बर्बाद हो गया, जिससे पिता परेशान रहते थे। इसी के चलते उनको हार्ट अटैक पड़ा है। उधर, डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने शाम करीब 7 बजे मामले की जानकारी ली।

उधर, मल्लावां क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर निवासी नंदा प्रसाद का पुत्र मोतीलाल (40) मंगलवार को घर से पत्नी के साथ खेत में गेहूं काटने गए थे। अपराह्न 11 बजे वह पत्नी से घर जाने की बात कहकर चला आए और घर में फांसी लगा ली। देर तक जब वह नहीं लौटे, तो पत्नी घर पहुंची और पति का शव फांसी पर लटका देख अचेत हो गई।

सूचना पर कोतवाल एसबी सिंह मौके पर पहुंचे और बताया कि मामला आत्महत्या का है। उस पर बैंक का कर्ज होने की बात भी सामने आई है। इधर, जानकारी पर तहसीलदार रामचंद्र यादव मौके पर पहुंचे और बताया कि मृतक फसल बर्बाद होने से नहीं आत्महत्या की, बल्कि अन्य कारणों से जान दी।

बताया कि पत्नी के नाम कुछ कर्ज भी था जिसकी जांच की जा रही है। उधर, पत्नी ने बताया कि तीन वर्ष पहले डेढ़ बीघा जमीन पर बैंक से तीस हजार रुपये का कर्जा लिया था जो अब पचास हजार हो गया। इसे जमा करने को बैंक से नोटिस मिलने से पति परेशान थे। 
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