शहर के महाविद्यालयों में प्रवेश के मारामारी कम नहीं
हो रही है। महाविद्यालयोें में प्रवेश न मिलने से विद्यार्थी गैर जनपद व
ग्रामीण क्षेेत्र के विद्यालयों की राह पकड़ रहे हैं। शहर के महाविद्यालयों
में सीटों के सापेक्ष सूची जारी होने से स्थान रिक्त होने पर ही प्रतीक्षा
सूची के विद्यार्थियों को मौका मिल सकता है।
इससे विद्यार्थी व अभिभावक
परेशान हैं। ज्ञात हो कि जिले में 78 महाविद्यालय संचालित हैं। इनमें से
नगर में मात्र तीन महाविद्यालय हैं, जिनमें प्रवेश के लिए सबसे अधिक
मारामारी रहती है। शहर में बालिकाओं के लिए कला वर्ग में आर्य कन्या
महाविद्यालय संचालित है। इसके अलावा सीएसएन महाविद्यालय संचालित है।
जहां
पर कला वर्ग में सह शिक्षा की व्यवस्था है। शहर में विज्ञान व कामर्स वर्ग
के लिए सिर्फ एक महाविद्यालय महाराणा प्रताप स्नात्कोत्तर महा विद्यालय है।
शहर के तीनों महाविद्यालयों में इस बार प्रवेश पाना सबसे बड़ी चुनौती है।
तीनों
कालेजों में सीटों के सापेक्ष प्रवेश वरीयता सूची प्रकाशित कर दी है।
जिसकी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। जिन विद्यार्थियों का नाम सूची में है,
वो प्रवेश के लिए आवेदन पत्र व शुल्क जमा कर रहे हैं। इससे विद्यालयों में
विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ रही है।