अपर जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने गुरुवार को एक
मुकदमे की सुनवाई पूरी कर दो सगे भाइयों को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये
जुर्माना भरने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माना की आधी धनराशि मृतक के
परिजनों को दिलाने क ा भी आदेश दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, बिलग्राम के
ब्लाक प्रमुख रहे ककराखेड़ा निवासी कप्तान सिंह यादव की उनके ही गांव
निवासी केदारनाथ व चंद्रसेन से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। 2 मई 1994 को
रात करीब पौने आठ बजे कप्तान सिंह यादव अपने भाई मलिखान सिंह के साथ बाजार
से घर वापस आ रहे थे।
रास्ते में गांव के ही सगे भाई केदारनाथ व चंद्रसेन
ने रामस्वरूप के मकान के निकट घेरकर कप्तान सिंह व उनके भाई पर फायरिंग कर
दी। गोली लगने से मलिखान गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय
उनकी मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट कप्तान सिंह यादव ने थाने पर दर्ज कराई
थी।
कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर हत्या के अपराध में दोनों सगे
भाइयों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई।