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Hardoi News: पाकिस्तान के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर 19 लाख रुपये ठगने में दो गिरफ्तार

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हरदोई। नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवक से 19.16 लाख रुपये ठगने के दो आरोपियों को साइबर थाने की पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के मुरैना से गिरफ्तार किया है। इनके आठ साथी मुरैना के श्यामगढ़ थाने की पुलिस की गिरफ्त में भी आए हैं। दोनों आरोपियों के पास से लगभग 35,670 रुपये और घटना में इस्तेमाल छह मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। खास बात यह है कि यह लोग पाकिस्तान के आईपी एड्रेस से इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप चलाते थे।
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मल्लावां नगर के लाला बाजार निवासी मसहूद अली ने 20 नवंबर 2025 को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि सोशल मीडिया पर नजर आने वाले विदेश में नौकरी दिलाने वाले विज्ञापन के जरिए मोहम्मद उमर और मोहम्मद अली से बात हुई थी। विदेश भेजने के नाम पर छह बैंक खातों में कुल 19 लाख रुपये आरोपियों ने मसहूद अली से लिए थे। साइबर थाने के निरीक्षक राजेश शर्मा के नेतृत्व वाली टीम सीओ साइबर क्राइम अनिल सिंह की निगरानी में घटना के खुलासे के लिए काम कर रही थी।

इस दौरान जिन छह खातों में रुपये मंगाए गए थे उनमें से चार लोगों तक पुलिस पहुंच गई। इन लोगों से पूछताछ हुई तो इन लोगों ने बताया कि आगरा के हरि पर्वत थाना क्षेत्र के सुल्तानगंज निवासी योगराज उर्फ जॉनी और फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र के हाजीपुरा निवासी आदिल ने उनके बैंक खातों में रुपये डलवाए थे।
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इसके बाद पुलिस ने सीडीआर के जरिए दोनों आरोपियों का ब्योरा खंगाला। इसके बाद राजेश शर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने मुरैना में शुक्रवार रात लगभग 9:30 बजे छापा डालकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सीओ अनिल सिंह ने बताया कि जिस इंस्टाग्राम और वाट्सअप नंबर का इस्तेमाल आरोपी करते थे, उसका आईपी एड्रेस निकलवाया गया। अब तक की जांच में पता चला है कि आईपी एड्रेस पाकिस्तान का है।



मध्यप्रदेश पुलिस भी आई पूछताछ करने, आठ साथी वहां भी धरे गए
सीओ अनिल सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के लिए मध्य प्रदेश के मंसौर जनपद के श्यामगढ़ थाने की पुलिस टीम भी शनिवार को आई है। टीम से पता चला है कि इसी गिरोह के आठ लोगों काे मध्य प्रदेश में गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश की पुलिस दोनों आरोपियों का रिमांड लेेने की भी कोशिश कर रही है। अब तक की छानबीन में यह भी साफ हुआ है कि इस गिरोह में अभी कुछ और लोग भी शामिल हैं।



10 हजार रुपये में खुलवाते खाता, रकम आने पर देते 5 हजार
साइबर पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि म्यूल एकाउंट खुलवाने के लिए शातिरों का गिरोह जरूरतमंद और भोले भाले लोगों का इस्तेमाल करते हैं। एक म्यूल एकाउंट खुलवाने पर संबंधित व्यक्ति को दस हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद जब रकम एकाउंट में आती है तो उसे निकालने पर पांच हजार रुपये संबंधित व्यक्ति को दिए जाते हैं। इस मामले में कुल छह खातों का इस्तेमाल हुआ है। इनमें से चार फिरोजाबाद के और दो मध्य प्रदेश के भोपाल के हैं। खातों में आने वाले रुपये आरोपियों ने खाता धारकों से एटीएम कार्ड और चेक का इस्तेमाल कर निकलवाए थे। इसकी पुष्टि भी साइबर थाने की जांच में हुई है।
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