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खाद खत्म होने पर किसानों को बांटे गए टोकन

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मल्लावां के ग्राम तेंदुआ स्थित समिति के केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। प्रशासन की सख्ती के बाद बुधवार को भी केंद्रों पर सुबह से ही खाद का वितरण किया गया। किसी को दो बोरी मिलीं तो जहां खाद की उपलब्धता नहीं रही, वहां अगले दिन वितरण के लिए किसानों को टोकन वितरित किए गए। पीसीएफ के जिला प्रबंधक पंकज रावत ने जनपद के कई केंद्रों पर खाद वितरण व स्टॉक की जांच की। कहा कि जल्द ही खाद की दूसरी रैक भी प्राप्त होने वाली है। इसके बाद खाद की किल्लत नहीं होगी।
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मल्लावां प्रतिनिधि के अनुसार तेंदुआ स्थित पीएसीएफ गोदाम पर बुधवार सुबह से ही खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। प्रभारी रजनी देवी ने बताया कि उनके पास स्टॉक में 448 बोरी खाद है। प्रत्येक किसान को खतौनी व आधार कार्ड की कॉपी के आधार पर दो-दो बोरी खाद वितरित की जा रही है। पुरवावां साधन सहकारी समिति पर तैनात स्टॉफ ने बताया कि उनके पास बुधवार को 100 बोरी का स्टॉक रहा। किसानों को 1-1 बोरी खाद ही वितरित की गई।
दारूकुईयां स्थित सहकारी समिति के सचिव राजबहादुर ने बताया कि उनके पास जो भी स्टॉक था, उसका वितरण किया जा चुका है। डिमांड भेजी है, खाद मिलने पर वितरण कराया जाएगा।
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माधौगंज प्रतिनिधि के अनुसार पीसीएफ कृषक केंद्र पर खाद समाप्त होने के बाद किसानों की भीड़ जमा रही। इस पर एसडीएम कपिल देव यादव ने केंद्र प्रभारी योगेश को किसानों को टोकन जारी करने के निर्देश दिए। कहा कि खाद प्राप्त होने पर गुरुवार को टोकन के हिसाब से ही खाद का वितरण किया जाएगा। केंद्र प्रभारी योगेश ने बताया कि दोपहर तक 86 किसानों को टोकन जारी किए जा चुके हैं।
खाद वितरण की व्यवस्था सामान्य बनी रहे, इसके लिए पीसीएफ के जिला प्रबंधक पंकज रावत ने बिलग्राम क्षेत्र के आधार दर्जन समिति के केंद्रों का निरीक्षण कर खाद वितरण की स्थिति देखी। प्रबंधक पंकज रावत ने कहा कि अभी बफर गोदाम पर खाद का कुछ स्टॉक मौजूद है, जहां खाद समाप्त हो गई है वहां ट्रकों के माध्यम से खाद भिजवाई जा रही है। बताया कि 23 अगस्त को एक रैक खाद प्राप्त हुई थी। उसका आवंटन किया जा चुका है। शासन को डिमांड भेजी गई है, सितंबर के पहले सप्ताह में ही एक रैक खाद और प्राप्त होने की संभावना है।
किसानों ने बताई समस्या
फोटो-14- चंद्रपाल। संवाद
मल्लावां के गांव झबरीपुरवा निवासी चंद्रपाल ने बताया कि रकबे के हिसाब से उसको कम से कम तीन बोरी खाद की आवश्यकता है। काफी मुश्किल के बाद जैसे-तैसे दो बोरी खाद मिल पाएगी। अब इसी से काम चलाना होगा।
फोटो-15- महावीर। संवाद
मल्लावां के ग्राम मुस्तफाबाद निवासी महावीर ने बताया कि उसने खेत में धान की फसल बो रखी है। उसे चार बोरी खाद की आवश्यकता है। दो दिन की दौड़ के बाद उसे बमुश्किल दो बोरी खाद ही मिल सकी है।
फोटो-16- सतीश। संवाद
भरखनी के ग्राम मुर्तजा नगर निवासी किसान सतीश ने बताया कि शाहाबाद के अल्लापुर तिराहे से जाकर खाद लानी पड़ी। दो बोरी खाद मिली है। जो आवश्यकता के अनुसार काफी कम है, लेकिन अब इसी से काम चलाना होगा।
फोटो-17- रघुनाथ। संवाद
भरखनी के ग्राम ख्वाजगीपुर निवासी रघुनाथ ने बताया कि इस बार खाद लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पाली स्थित केंद्र के कई चक्कर लगाने के बाद दो बोरी खाद मिल पाई है।
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