पिहानी में रविवार रात के बाद सोमवार को दिन का उजाला फैलते ही बाघ ने गन्ने के एक खेत से दूसरे खेत में अपना ठिकाना बदल लिया है। उसकी यह हरकत देख रहे पास के खेत पर मौजूद किसानों ने शोर मचाया। इससे वह गन्ने में गुम हो गया है। खौफ का यह आलम है कि सोमवार को कुछ किसान गन्ना छीलने के लिए राइफल की निगरानी में काम करने पहुंचे। खबरों पर वन विभाग व पुलिस टीम निगरानी के लिए मौके पर पहुंच गई है। वन विभाग ने गांव वालों सजग रहने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि रविवार की सुबह अंबारी के प्रधान नन्हें सिंह के खेत में एक आठ वर्षीय बालक ने बाघ को जाते देखा था। उसके बताने पर जब लोगों ने निशान देखे जो बाघ जैसे ही जानवर के मालूम पड़ रहे थे। सोमवार को गांव के लोगों ने बताया कि रविवार रात सियार की आवाजें सुनाई नहीं दीं और कल से ही हिरन नीलगाय जैसे जानवर भी दिखाई नहीं दे रहे हैं, जो बाघ या शेर की मौजूदगी का स्पष्ट संकेत माना जाता है। सोमवार की दोपहर खेत के पास काम रहे गांव के हसमत अली ने बताया कि उन्होंने बाघ को नन्हें सिंह के खेत से ओमकार सिंह के खेत में घुसते देखा। इस खबर रक वन विभाग से बीट प्रभारी बृजराज वर्मा के नेतृत्व में एक टीम पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंच गई। टीम सदस्यों के अनुसार पंजों के निशान यहां पर भारी भरकम नर बाघ की उपस्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। टीम ने गांव के लोगों को अलर्ट रहने की नसीहत के साथ शाम के समय खेतों की ओर जाने से मना किया है।
बाघ के शिकार पर है टीम की नजर
बाघ की मौजूदगी की चर्चाओं पर अंबारी में सक्रिय वन विभाग की टीम उसके शिकार करने की टोह में है। यहां दिखने के बाद से बाघ द्वारा कोई शिकार किए जाने का प्रमाण नहीं मिला है। जानकारों की मानें तो बाघ तीन दिन में शिकार करते हैं और दो दिन से उसके यहीं पर होने के संकेतों के बीच कल तीसरे दिन बाघ द्वारा शिकार किए जाने की आशंका टीम व्यक्त कर रही है। टीम खेत के आसपास सक्रिय रह कर उसके शिकार को तलाशने की कवायद कर रही है। टीम के अनुसार शिकार के तरीके से जानवर की सही पहचान हो सकती है।
आदमखोर भी हो सकता है यह बाघ
अंबारी व आसपास गांवों में आतंक का पर्याय बाघ नरभक्षी भी हो सकता है। चार दिन पहले ही पड़ोसी जिले के कुकरा क्षेत्र में बाघ द्वारा मानव को मार खाए जाने के बाद वहां उसकी ताजा लोकेशन नहीं मिलने और ठीक तीन दिन बाद इस तरफ एक बाघ आने की चर्चाओं से यह संभावना भी व्यक्त की जा रही है कि शायद यह वही आदमखोर बाघ हो। बता दें कि बाघ जैसे जानवर के लिए कुकरा (गोला) से यहां तक का फासला बहुत ज्यादा नहीं है। इस तरह आदमखोर हो जाने वाले बाघ को लेकर यहां के लोगों में खौफ दिखाई दे रहा है। टीम इसे जिंदा पकड़ने की फिराक में है और इसके लिए संभवत: मंगलवार को पिंजड़ा लगा दिया जाएगा।