पिहानी क्षेत्र के कुंइया गांव के पास शुक्रवार को
कार और बस की टक्कर में घायल पांच में दंपति समेत तीन की मौत लखनऊ ले जाने
के दौरान बीती रात हो गई। इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या अब सात हो
गई। शनिवार को हरियावां क्षेत्र के सुमई बसोहा गांव में दंपति समेत पांच का
अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के चलते आजाद नगर स्थित आवास पर सन्नाटा
पसरा रहा। ज्ञात हो कि हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम सुमई बसोहा
निवासी अरविंद कुमार नलकूप चालक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने शहर
कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर में भी मकान बनवा रखा था।
शुक्रवार को अरविंद
(60) अपनी पत्नी उर्मिला (55), पुत्र सुनील (30) पुत्र वधू स्वाती (25),
पौत्री प्रिया (3), नातिन प्राची (4) पुत्री स्वदेश, साली निर्मला (55)
पत्नी विष्णु कुमार, निर्मला का पौत्र वीरेश (12) पुत्र सुधीर सिंह और राज
(3) पुत्र संदीप सिंह के साथ कार से पिहानी के धोबिया आश्रम गए थे।
कार से
वह वापस आते समय पिहानी थाना क्षेत्र के कुंइया गांव के पास सामने से आ रही
निजी बस ने कार में टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में अरविंद, उर्मिला,
निर्मला व वीरेश की मौत हो गई थी। अन्य पांच घायलों को लखनऊ स्थित
ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था।
बताया जाता है कि लखनऊ ले जाने के दौरान
रास्ते मेें सुनील, प्रिया और प्राची की मौत हो गई। वहीं स्वाती व राज का
लखनऊ ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। शनिवार को तीनों का पोस्टमार्टम
कराया गया। सभी शवों को गांव पर ले जाया गया। मृतक अरविंद के बड़े पुुत्र
अनिल ने मुखाग्नि दी।
एक साथ पांच पांच चिताएं जलती देख हर एक की आंखें नम
हो गई। इधर, आजाद नगर स्थित आवास पर शोक संवेदना जताने वाले पहुंचे, पर
परिजनों के गांव जाने से लोग गांव पहुंचे और शोक संतृप्त परिवार को ढांढस
बंधाया। उधर, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड कार्यालय में अरविंद सिंह और उनके
परिजनों की मौत पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।