फोटो-16- इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज किरन को दी जा रही ऑक्सीजन। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती मरीज ऑक्सीजन के लिए अभी भी कंसंट्रेटर और सिलिंडर पर ही निर्भर हैं। ऑक्सीजन प्लांट बने तीन माह बीत गए लेकिन अब भी विभाग को क्षतिग्रस्त पाइप लाइन बनाने के लिए वेंडर ढूंढे नहीं मिल रहा। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण मरीजों को प्लांट से सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
मेडिकल कॉलेज के गेट के पास बने पीकू वार्ड के पास ऑक्सीजन प्लांट लगा है। 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की क्षमता वाले इस संयंत्र से इमरजेंसी के अतिरिक्त आईसीयू वार्ड में भी सप्लाई की जाती है। वार्ड के अंदर हर बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए प्वाइंट भी बने हैं। इसके बाद भी मरीजों को ऑक्सीजन के लिए कंसंट्रेटर और सिलिंडर के भरोसे रहना पड़ रहा है। दरअसल, प्लांट से वार्ड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पड़ी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। लाइन बदलने के लिए वेंडर का चयन किया जाना है लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी अभी तक वेंडर चयनित नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार भी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
सिलिंडरों की आड़ में जमकर हाे रहा गोलमाल
इमरजेंसी के लिए अलग से 500 लीटर प्रति मिनट का संयंत्र लगा है। इसके बाद भी सिलिंडर और कंसंट्रेटर से मरीजों को ऑक्सीजन मिल रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार एक सिलिंडर को भरवाने में 400 से 450 रुपये खर्च होते हैं। निजी स्तर पर सिलिंडर भरवाए जाते हैं और हर सप्ताह करीब 40 से 50 सिलिंडर भरकर आते हैं। निजी स्तर पर लाभ पहुंचाने और कमीशन के चलते संयंत्रों के प्रयोग करने के लिए जोर नहीं दिया जा रहा है।
हादसों का भी डर
इमरजेंसी में सोमवार देर शाम एक कंसंट्रेटर ने आग पकड़ ली। गनीमत है कि उस समय वहां पर मरीज नहीं भर्ती था। समय रहते बड़ा हादसा होने से बचा लिया गया। इसके बाद भी इमरजेंसी में मरीजों को सिलिंडर और कंसंट्रेट से ऑक्सीजन दी जा रही है। इब्राहीमपुर की किरन को अभी सोमवार को ही भर्ती किया गया है। उन्हें भी सांस लेने में दिक्कत के चलते सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
संयंत्र से इमरजेंसी तक आने वाली पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। उसे बदला जाना है। वेंडर के चयन की प्रक्रिया चल रही है। पूरी लाइन बदलनी है। काम कराने के लिए स्वीकृति हो गई है, जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। -डाॅ. अंकुर श्रीवास्तव, प्रबंधन प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
फोटो-16- इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज किरन को दी जा रही ऑक्सीजन। संवाद