थाना क्षेत्र के नोनखारा गांव में लापता बालक की
हत्या कर शव फेंका गया था, इसका खुलासा शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट हुआ।
उसके सिर व शरीर में चोटों के निशान मिले हैं, जबकि आरोपी के शरीर में तीन
गोलियाें की पुष्टि हुई। घटना के बाद से गांव में तनाव बरकरार है।
दोनों
घरों के बीच पीएसी तैनात कर दी गई। मृतका की पत्नी की तहरीर पर
पिता-पुत्रों समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। थाना
क्षेत्र के गांव नोनखारा निवासी अनिल कुमार मिश्रा का लापता बेटा सुशांत
मिश्रा (11) के बरामद शव का शनिवार को पोस्टमार्टम किया गया। जिसमें उसके
सिर व शरीर पर चोटों के निशान पाए गए।
इधर, आरोपी मृतक के सिर, गाल व कंधे
पर भी गोलियों के निशान मिले। दोनों ही पक्षों के लोगों के आमने सामने
होेने के कारण पोस्टमार्टम हाउस में भी फोर्स तैनात रहा। इधर, नोनखारा गांव
में 100 मीटर के फासले पर स्थित दोनों पक्षों के घरों पर सन्नाटा पसरा
रहा।
मृतक लालू के घर में महिलाओं की सिसकारी गूंज रही थी, जबकि सुशांत
के घर में सन्नाटा पसरा था। दोनोें ही घरों के बीच पीएसी मुस्तैदी से डटी
रही। दोपहर बाद एसडीएम सवायजपुर अविनाश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और
उन्होंने बिंदुवार घटना की जांच पड़ताल कर ग्रामीणाें के बयान दर्ज किए।
प्रथम दृष्टय: घटना के पीछे सांडी थाने की लापरवाही उभरकर सामने आई है।
उन्होेंने बताया कि यदि थाना पुलिस सक्रिय होती तो हादसा टल सकता था।
उन्होंने थाना इंचार्ज को आदेश दिए कि वह आरोपियों पर निरोधात्मक कार्रवाई
करें और उनके शस्त्र लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी करें।
उधर, मृतक की
पत्नी विनीता की तहरीर पर अरवल थाने में आरोपी रानू, राघव, राममूर्ति पुत्र
सोनेलाल, रोतिक, लाला, रामप्रकाश पुत्र जगदेव, गोपाल व गोविंद के खिलाफ
हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापामारी शुरू
कर दी है।