शहर में आटो की संख्या लगातार बढ़ रही, पर अभी तक
उनका रूट चार्ट नहीं बन सका है। यातायात कर्मियों की लापरवाही के कारण आटो
बीच सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे आए दिन जाम लगता है, पर विभागीय जिम्मेदार
जानकर भी अनजान बने रहते हैं।
ज्ञात हो कि शहर में लगभग साढ़े तीन सौ
के करीब आटो संचालित हो रहे हैं। इन आटो के लिए अभी तक न तो कोई रूट चार्ट
निर्धारित किया गया और नहीं उनके लिए कोई स्टैंड ही हैं। इससे शहर में
मनमाने तरीके से आटो दौड़ रहे हैं, जिससे शहर में आए दिन जाम लगा रहता है।
नुमाइश चौराहे पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बूथ बनाया गया
है। जहां पर यातायात दारोगा स्वयं ही मौजूद रहते हैैं। इसके अलावा वहां पर
तीन चार यातायात कर्मी भी मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद चौराहे के आस पास
अनियंत्रित आटो खड़े रहते हैं।
हालत यह हो जाते कि आटो चालक बीच सड़क
पर ही आटो खड़ा कर सवारियों का इंतजार करते हैं और वहां पर मौजूद
पुलिसकर्मी सब कुछ देखने के बाद भी बूथ से बाहर आना उचित नहीं समझते, जिससे
चौराहे पर आए दिन जाम लगता रहता है और लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं,
पर इस ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। शहर में अनियंत्रित यातायात लोगों
केे लिए मुसीबत बन चुका है। उधर, पुलिस का कहना है कि आटो वालों की दबंगई
पर लगाम लगाई जाएगी।