संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। तमिलनाडु के मदुरै में ट्रेन की बोगी में आग लगने के कारण जान गंवाने वाले तीर्थयात्री का शव रविवार रात लगभग आठ बजे चंदीपुरवा स्थित आवास पहुंचा। शव के आने के इंतजार में यहां बड़ी संख्या में शहर के लोग मौजूद थे। सकुशल बचे तीर्थ यात्रियों को मदुरै प्रशासन ने प्राइवेट वाहनों से हरदोई भेजा।
शहर के मोहल्ला चंदीपुरवा निवासी परमेश्वर दयाल गुप्ता (60), पत्नी रेनू गुप्ता (58), टड़ियावां के विद्याधर गुप्ता, सांडी के नवाबगंज के प्रदीप गुप्ता और उनकी पत्नी किरन गुप्ता तीर्थ यात्रा पर 17 अगस्त को गई थीं। शनिवार सुबह मदुरै में इन लोगों की बोगी में आग लग गई थी।
घटना में परमेश्वर दयाल गुप्ता की मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोग सकुशल बच गए थे। रविवार रात लगभग आठ बजे आरपीएफ की टीम परमेश्वर दयाल का शव लेकर उनके आवास पर पहुंची। उधर दोपहर में प्रदेश सरकार के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल भी परमेश्वर के आवास पर पहुंचे और उनके पुत्र सौरभ को सांत्वना दी। मदुरै हादसे के बाद जागी आरपीएफ ने हरदोई स्टेशन पर रुककर जाने वाली ट्रेनों में विशेष अभियान भी चलाया।
तेज आवाज हुई फिर धुआं भर गया
तीर्थ यात्रा पर गए और हादसे में सकुशल बचे विद्याधर गुप्ता ने दावा किया कि स्टेशन के दो किलोमीटर पहले ही बोगी में आग लग गई थी। आग भड़की तब तक स्टेशन आ चुका था। तेज आवाज के साथ बोगी में धुआं भर गया। हर कोई जल्द से जल्दी बोगी से उतरने की कोशिश कर रहा था। उनके मुताबिक परमेश्वर कुछ जरूरी सामान खोजने लगे और फिर वह आग में फंस गए।