हरदोई। मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के ककरघटा गांव में निर्मित ग्रामीण स्टेडियम में बड़े पैमाने पर खामियां मिली हैं।
हस्तांतरण किए जाने से पहले निर्माण कार्य की जांच के दौरान सामने आई खामियों को लेकर सीडीओ ने कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों से सख्त नाराजगी जताते हुए खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। खामियों के लिए संबंधित कर्मचारी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री और शाहाबाद की विधायक रजनी तिवारी के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ककरघटा में ग्रामीण स्टेडियम की स्थापना किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके लिए यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था को नामित किया गया था। कुल चार करोड़ 89 लाख रुपये से निर्माण कार्य होना था।
कार्यदायी संस्था की ओर से काम पूरा हो जाने और इसे युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित किए जाने के संबंध में सीडीओ को पत्र भेजा गया था। मामला मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़ा था तो सीडीओ ने एक कमेटी गठित कर हस्तांतरण से पहले गुणवत्ता और कार्याें की जमीनी हकीकत पता कराई और खुद भी निरीक्षण करने गए। इस दौरान निर्माण कार्याें में बड़ी संख्या में खामियां मिलीं।
गठित कमेटी में शामिल सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एके गौतम ने सीडीओ को भेजी रिपोर्ट में बताया कि स्टेडियम परिसर में सोलर वाटर हीटर में लीकेज है। सीसीरोड में जगह-जगह दरार पाई गई और कई जगह रोड उखड़ रही है। प्रसाधन कक्ष की दीवार में भी दरार आने और वुडन फ्लोरिंग में भी दरार होने की बात सामने आई है।
इंटरलाॅकिंग टायल्स भी जगह-जगह बैठ गई है। इसी तरह लोक निर्माण विभाग के अधिशसी अभियंता एसके मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि प्रसाधन कक्ष की दीवारों में दरार आ गई है और दरवाजे उल्टे लगे हैं। छत की बीम में भी खामियां मिली हैं। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सूर्य कुमार की रिपोर्ट में भी खामियों का उल्लेख किया गया है।