मलिहाबाद में जहरीली शराब पीने से एक के बाद एक हुई
दो दर्जन से ज्यादा मौतों ने राजधानी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश सहित इस
जिले के भी हर बाशिंदे को दहला दिया है। जिले में भी इसी जहर को बनाने वाली
भट्ठियां गांव-गांव धधक रही हैं और कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार
कर रही है। लखनऊ की घटना से आहत लोगों ने अब सीधे सीएम से मांग कि जिले के
गांव-गांव धधक रहीं शराब की भट्ठियों को नष्ट करवाए।
जिले में कच्ची
शराब का काला कारोबार अब एक व्यवसाय का रूप ले चुका है। पनप इसलिए रहा,
क्योंकि इसमें आए दिन समस्त जिम्मेदारों के संलिप्त होने का आरोप लगता रहता
है। ग्रामीणों की माने तो पुलिस चाहे तो गांव के खेतों में छिपे एक मामूली
गिरहकट तक को खोज ले और न चाहे तो शराब की ऊंची ऊंची भट्ठियों तक को
नजरअंदाज कर दे। ऐसा ही कुछ जिले के समस्त ब्लाकों के कई सैकड़ों गांवों
में भी देखने को मिल रहा है।
कुछ ऐसा ही हाल आबकारी विभाग का भी है, जहां
उनके द्वारा वर्ष भर छापामारी कम ही होती है, वहीं शिकायतों पर भी छापामारी
से पूर्व उनका यही कहना होता है कि उनके पास सुरक्षा की दृष्टि से जवान कम
हैं। बहरहाल लोगों का कहना है कि जिले में लखनऊ जैसी घटना की इस जिले
में पुनरावृत्ति न हो, इसको लेकर जिला प्रशासन को अलर्ट होने की जरूरत है
और जिले में धधक रहीं शराब की भट्ठियों को नष्ट करने की जरूरत है। उधर,
जिले में अवैध कच्ची शराब का धंधा बढ़ता जा रहा है।
सैकड़ों गांवों में
धड़ल्ले से शराब की भट्ठियां धधक रही हैं और रोजाना हजारों लीटर शराब बनाई
जा रही है। वैसे तो पूरे वर्ष यह धंधा चलता है, पर होली नजदीक आते ही इसने
और अधिक जोर पकड़ लिया है। दिनों दिन बढ़ रहे इस काले कारोबार ने कुटीर
उद्योग रूप ले लिया है। कभी चोरी छिपे अवैध कच्ची शराब बनाने का काम होता
था, पर अब यह कारोबार बनता जा रहा है।
जिले में अवैध कच्ची शराब के
कारोबार में देंखे तो जिले के सभी चौबीस थाना क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों
में यह काला कारोबार चल रहा है। इस काले कारोबार का कटियारी क्षेत्र और
कछौना, बघौली थाना क्षेत्र गढ़ माना जाता है। उधर, जिले के सैकड़ों गांवों
में में धड़ल्ले से अवैध शराब का काम चल रहा है।
जिले में रोजाना होने वाले
इस काले कारोबार का आंकड़ा बनाकर नजर डालें तो जिले के 25 थाना क्षेत्रों
के अगर 10-10 गांवों को लें। और इन 10-10 गांवों में 10-10 घरों में अवैध
शराब की भट्ठियों को ही लें तो जिले के 24 थाना क्षेत्र के 240 गावों में
2400 घरों में शराब की भट्ठियां चल रही हैं।