फोटो-08- महिला चिकित्सालय में पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
हरदोई। गर्मी और उमस के बाद अचानक हुई बारिश ने जहां एक ओर लोगों को राहत दी वहीं कई लोग बुखार और सांस लेने में दिक्कत महसूस करने लगे। बीते एक सप्ताह से बदले मौसम की वजह से मेडिकल कॉलेज में रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
मंगलवार को 2,170 मरीजों ने ओपीडी में पंजीकरण कराया। इसमें बुखार, जुकाम और खांसी के 425 मरीज और 75 मरीज सांस से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। भीषण गर्मी के ठीक बाद हुई बारिश से वातावरण में नमी बढ़ गई है। यह स्थिति बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए अनुकूल होती है। अचानक ठंडे-गर्म के संपर्क में आने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्र ने बताया कि मौसम में नमी से सांस और बुखार रोगियों की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान में चलने वाला बुखार न केवल शरीर को कमजोर कर रहा है बल्कि ठीक होने में भी सामान्य से अधिक समय ले रहा है। दूषित पानी और खान-पान में लापरवाही के कारण पेट दर्द और डायरिया के मामले भी सामने आ रहे हैं।
महिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा अधिक देखने को मिली। इनमें गर्भवती महिलाओं समेत स्त्री रोग से संबंधित बीमारियों का उपचार कराने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बुशरा बहार ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देना चाहिए।
ऐसे करें बचाव
. अस्थमा के मरीज नियमित रूप से दवाओं का प्रयोग करें।
. सीलन और फंगस से बचें।
. ठंडा पानी व कोल्डड्रिंक का प्रयोग न करें।
. बुखार के मरीज उबालकर पानी का सेवन करें।
. दही और आइस्क्रीम का सेवन न करें।
. कूलर और एसी का इस्तेमाल न करें।