हरदोई। बैराजों से लगातार छोड़े जाने वाले पानी से बृहस्पतिवार को गंगा का पानी 137.10 मीटर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। गंगा के पानी में बढ़ोतरी से किनारे के गांवों और खेतों में पानी पहुंचने लगा है। बैराजों से गंगा और रामगंगा नदियों में 4.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को गंगा नदी में पांच सेमी. पानी बढ़ा है। रामगंगा और गर्रा नदियों के पानी में पांच-पांच सेमी. की कमी आई है।
गंगा नदी के पानी में बढ़ोतरी से तहसील बिलग्राम और सवायजपुर के नदियों के किनारे के गांवों और खेतों में पानी घुसने लगा है। बिलग्राम क्षेत्र के चिरंजूपुरवा, मक्कूपुरवा सहित कई गांवों में पानी पहुंचा गया है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,04,263, बिजनौर बैराज से 90,837 और नरौरा बैराज से 20,9501 क्यूसेक और रामगंगा नदी में खो बैराज से 10,343, हरेबली बैराज से 1064 और रामनगर बैराज से 696 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ की स्थिति में राहत भरी बात यह है कि रामगंगा का पानी पांच सेमी कम होकर 135.70 मीटर और गर्रा नदी का पानी 144.70 मीटर पर आ गया है। बिलग्राम के चिरंजूपुरवा, मक्कूपुरवा आदि गांवों में झोपड़ियाें तक पानी पहुंच गया है। सवायजपुर क्षेत्र के बरहुली, गोरिया, बड़ागांव आदि गांवों के खेतों में पानी भर जाने से किसानों के सामने फसलों के खराब होने और चारा का संकट गहराता जा रहा है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बिलग्राम व सवायजपुर एसडीएम से कहा गया है कि वह नदियों के किनारे के गांवों पर विशेष नजर रखें। रेड जोन में चिह्नित 21 गांवों में विशेष जांच शिविर लगवाए जा रहे हैं। किसी तहसील से कोई अप्रिय जानकारी नहीं मिली नहीं है।