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Hardoi News: नदियों में पानी और प्रभावित क्षेत्रफल बढ़ा, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

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हरदोई/सांडी/हरपालपुर/पाली/बिलग्राम। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से 24 घंटे में जिले में गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी का पानी बढ़ा है।
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नदियों में पानी बढ़ने के साथ ही प्रभावित गांवों के लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। मार्गों के कटान और मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। करीब 30 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसमें करीब 30,000 से अधिक आबादी भी प्रभावित हुई है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में दोबारा बाढ़ आ गई। दोबारा बाढ़ से प्रभावित लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। नदियों के पानी ने भी दायरा बढ़ाया है। इससे फसलें डूब गई हैं। पाली क्षेत्र में गर्रा नदी में पानी की बढ़ोतरी जारी है। पानी बढ़ने से कहारकोला गांव एक बार फिर टापू में बन गया है। कहारकोला का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न होने से वहां के लोगों के सामने आवागमन की मुसीबत हो गई है। इससे गांव की 3,000 आबादी प्रभावित है।
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एक नाव के सहारे कहारकोला के लोग आवागमन कर रहे हैं। परेली, गौंटिया, पहाड़पुर और बरगदिया के मुख्य मार्गों पर भी पानी चलने लगा है। ग्रामीण पानी से होकर गुजर रहे हैं। बाढ़ से करीब 20 से अधिक गांव प्रभावित हैं। शुक्रवार रात से अब तक गर्रा नदी में करीब डेढ़ फीट पानी बढ़ा है जिससे तटवर्ती गांव के लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। करीब 3,000 बीघा धान, उर्द, तिल्ली की फसलें भी पानी में डूब गई हैं। बाढ़ से बैजूपुर, केवलपुर, धर्मपुर, लखमापुर, उमरिया, शंकरपुर, खानूपुर, बाबरपुर, रणधीरपुर, ललुआपुर, ख्वाजगीपुर, सूरापुर, चंद्रपुर, खेरिया, वीरमपुर, खजुहाई, पहाड़पुर, बरगदिया, अतरजी, परेली सहित 20 से अधिक गांव प्रभावित हैं। पाली-शाहाबाद मार्ग पर बरगदिया पुलिया के पास बाढ़ के पानी ने अंदर ही अंदर कटान किया है। पीडब्ल्यूडी मेट मनोज ने भरान शुरू कराया है।

सांडी क्षेत्र में गर्रा नदी में पानी बढ़ने से नदी के किनारे बसे गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। पानी आबादी में भी पहुंचने लगा है। मलवा अखवेलपुर के मजरा चुन्नी पुरवा के 44 परिवारों और मवेशियों को तिलमई खेड़ा के स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। बिलग्राम एसडीएम एन राम ने खाना पैकेट और बिस्किट आदि वितरित किए हैं। टिभनापुर, छितरामऊ, भगहर, रौरा, बम्हटापुर, म्योढ़ा, मानीमऊ, बरोलिया, भट्योली गांव की फसलों को नुकसान पहुंचा है। गंजरी में पानी घरों तक पहुंच गया है।
हरपालपुर क्षेत्र में गंगा, रामगंगा नदी का पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र में दोबारा से बाढ़ का संकट गहरा गया है। श्रीमऊ-भदार मार्ग पर बाढ़ का पानी चल रहा है। बाढ़ के पानी की धार से चंदऊबेचें से अंधैया खास सड़क की पुलिया पानी में कट गई। इससे आवागमन ठप है। गंगा, रामगंगा नदी के बीच बसे दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी में पानी के उतार-चढ़ाव से गांवों के आसपास पानी भर गया है। आवागमन की दिक्कतें हो रही हैं। कटरी छिबरामऊ, कटरी बिलुही, कटरी परसोला, कटरी बिछुइया, कटरी जरसेनामऊ के लगभग 17 छोटे-छोटे मजरों के आसपास पानी भरा हुआ है। नावों से आवागमन के लिए ग्रामीण मजबूर हुए हैं।
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बैराजों से गंगा और गर्रा नदी में छोड़ा गया 3.47 लाख क्यूसेक पानी
गंगा और गर्रा नदी में शनिवार को भी बैराजों से 3,47,199 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,10675 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 2,21,804 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 14,720 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 24 घंटे में गंगा नदी में पांच सेंटीमीटर पानी बढ़ा है और पानी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर 137.25 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी के पानी में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और पानी चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर 136.95 मीटर पर पहुंचा है। गर्रा नदी में 32 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। पानी 130.39 मीटर पर पहुंच गया है। जो सांडी की केंद्रीय जल आयोग साइट पर खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
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