- वित्तीय गड़बड़ी पर डीएम ने पीपरगांव की प्रधान के अधिकारों पर लगाई रोक
- पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित किए जाने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। हद हो गई, ग्रामीण ने अपने घर में हैंडपंप लगवाया और पंचायत के जिम्मेदारों ने उसका भी भुगतान निकाल लिया। ऐसे ही पंचायत सचिवालय के लिए कंप्यूटर खरीद के नाम पर भुगतान तो निकाला गया, लेकिन कंप्यूटर कार्यालय में नहीं मिला।
वित्तीय गड़बड़ी पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने गड़बड़ी की पुष्टि पर भरावन की ग्राम पंचायत पीपरगांव की प्रधान सुमन के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। पंचायत सचिव अनिल कुमार वर्मा के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीडीओ को लिखा है।
जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई पीपरगांव की जांच में मिली गड़बड़ी पर की है। गांव निवासी रामशंकर, नीमडांडा निवासी किसान शक्ति महासभा के प्रदेश अध्यक्ष नीरज शुक्ला के शिकायती पत्र डीएम को दिया था। डीएम ने मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक और जल निगम के सहायक अभियंता से जांच कराई।
जांच में पीपरगांव के मजरा मझार निवासी संतोष ने शपथ पत्र के साथ बयान दिया कि उसने घर में खुद हैंडपंप लगवाया है। जबकि प्रधान और पंचायत सचिव ने उसका भी भुगतान निकाल लिया है। हैंडपंप की मरम्मत और रिबोर की पत्रावलियों पर पंचायत सचिव ने हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। हैंडपंप मरम्मत व रिबोर के नाम पर 3,97,000 रुपये भुगतान निकाला गया है।
जांच में पता चला कि पूर्व प्रधान ने 30 मार्च 2019 को 39,500 रुपये से कंप्यूटर खरीदा गया था। जिसके बाद साल 2022 में भी कंप्यूटर की खरीद के नाम से 59,320 रुपये का भुगतान निकाला गया है, जबकि पंचायत सचिवालय में न तो कंप्यूटर मिला और नही प्रिंटर। ऐसे ही अन्य गड़बड़ी मिली हैं।