फोटो 22: बिलग्राम नगर के मोहल्ला सुलहड़ा स्थिति पानी की टंकी। संवाद
बिलग्राम। नगर में अधिकतर क्षेत्रों में पाइपलाइन नालियों में डूबी हैं जिनसे नगरवासियों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पानी की टंकियों की भी करीब दो साल पहले साफ-सफाई कराई गई थी। इससे घरों को आपूर्ति होने वाले पानी की शुद्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बिलग्राम नगर पालिका के अंतर्गत मोहल्ला सुलहड़ा बजरिया ऊपरकोट और रावण पुरवा में पानी की टंकियां स्थापित हैं। पानी की टंकी के साथ ही सात नलकूप हैं। इनके माध्यम से नगर की लगभग 50 हजार आबादी को पानी की आपूर्ति की जा रही है। 4,962 घरों में पेयजल की आपूर्ति के लिए डाली गई पाइपलाइन नगर के अधिकांश क्षेत्रों में नालियों में डूबी हुई है। यहां तक कि घरों के किनारे लगी टोटियां भी नाली के पानी में डूबी हुई हैं।
पेयजल की आपूर्ति के दौरान लीकेज होने पर नगरवासियों के लिए कभी भी मुश्किल हालात पैदा हो सकते हैं। उधर, जलकल विभाग के अवर अभियंता बृजेश यादव ने बताया कि दो वर्ष पूर्व सभी टंकियों की सफाई कराई गई थी। वर्तमान समय में पानी की टंकियों की सफाई शुरू कराई जा रही है। अवर अभियंता ने दावा किया कि लगभग छह माह पूर्व हुए सर्वे में पानी का टोटल डिजॉल्व सॉलिड का मानक 265 था।
मोहल्ला सुलहड़ा निवासी दिलीप कुमार शर्मा मल्हन का कहना है कि पाइपलाइन नाली से गुजरने के कारण कभी भी समस्या हो सकती है। नगरवासियों को यह भी नहीं पता कि उन्हें मिल रहा पानी स्वच्छ है अथवा नहीं जो भी पानी मिलता है उसका उपयोग घरों में किया जाता है।
मोहल्ला मंडई निवासी अचल गुप्ता के मुताबिक, नगर के अधिकतर क्षेत्रों में नालियों के नीचे गड्ढा करके और ऊपर नाली से होते हुए कनेक्शन दिए जाते हैं। घरों में जाने वाले पाइप नाली में डूबे रहते हैं। नगरवासी जो पेयजल प्रयोग कर रहे हैं उसकी स्वच्छता सुनिश्चित होनी चाहिए।