हरपालपुर (हरदोई)। महाराष्ट्र के वर्धा पुलगांव स्थित आयुध डिपो में हुए अग्निकांड में हरदोई निवासी सिपाही सत्यपाल की भी झुलसने से मौत हो गई। सत्यपाल मूल रूप से हरपालपुर के ज्यूरी चंद्रमपुर गांव के निवासी थे और उनका परिवार कानपुर श्याम नगर के डी ब्लाक में रहता है। सिपाही की मौत की सूचना आते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
गांव ज्यूरी चंद्रमपुर निवासी सूबेदार के चार बेटों में सबसे छोटे बेटे सत्यप्रकाश (48) अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। बालकराम गांव में रहकर खेतीबाड़ी देखते हैं औरे बड़े भाई धनीराम कर्नल के पद से सेनानिवृत हुए हैं। वह कानपुर के श्यामनगर डी ब्लॉक मे रहते हैं।
धनीराम से छोटे मनोज हरपालपुर में व्यवसाय करते हैं। सत्यप्रकाश के डीएससी में ज्वाइन करने के बाद उनकी पत्नी और बच्चे भी बड़े भाई धनीराम के साथ कानपुर के श्याम नगर में रहते हैं। सत्यपाल अपने पीछे पत्नी गीता व एक बेटा गौरव (20) एवं बेटी गौरी (23) को छोड़ गए हैं। गौरव देहरादून से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है जबकि गौरी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुकी है। सत्य प्रकाश का शव बुधवार को कानपुर में विमान से लाए जाने की सूचना परिजनों को दी गई है। इस वजह से पूरा परिवार कानपुर ही पहुंच गया है। भतीजे नीरज की मानें तो उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया जाएगा।